रांची : राज्य के आधे प्रखंडों व अंचलों में स्थायी अफसरों की पोस्टिंग नहीं हुई है. केवल आधे ही प्रखंड व अंचल में डिप्टी कलक्टर को पदस्थापित किया जा सका है. शेष आधे प्रखंड व अंचल में बीडीअो-सीअो का कामकाज प्रभार के भरोसे चल रहा है. राज्य में 268 अंचल हैं, लेकिन मात्र 135 जगहों पर ही सीअो की पोस्टिंग की जा सकी है.
ऐसा अफसरों की कमी की वजह से है. राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों की कमी अभी भी राज्य में है. अफसरों की कमी हर साल बढ़ती जा रही है. तीन साल से डिप्टी कलक्टर की नियुक्ति नहीं हुई है. फिलहाल राज्य में झारखंड प्रशासनिक सेवा के लिए 1200 पद स्वीकृत हैं, लेकिन यहां 1000 से भी कम अफसर हैं. सबसे ज्यादा कमी बेसिक ग्रेड के अफसरों की है. इसका सीधा असर फील्ड के कामकाज पर पड़ रहा है.
बीडीओ-सीओ रहेंगे चार्ज में : अफसरों की कमी की वजह से ग्रामीण विकास विभाग व राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आदेश जारी किया है. इसके तहत जहां बीडीअो की पोस्टिंग नहीं है, वहां सीओ ही बीडीअो का कामकाज देखेंगे. जहां सीअो नहीं हैं, वहां बीडीअो प्रभार संभालेंगे. अफसरों की कमी को देखते हुए दोनों विभागों को यह रास्ता निकालना पड़ा है.
बनेंगे एसडीओ, पर काम देखेंगे बीडीओ-सीओ का : हाल ही में राज्य सरकार बेसिक ग्रेड के अफसरों को कनीय प्रवर कोटि (एसडीओ रैंक) में प्रोन्नति देने जा रही है. करीब 100 अफसरों को प्रोन्नति मिलेगी. ऐसे में बेसिक ग्रेड यानी बीडीओ-सीओ रैंक के अफसर और कम हो जाते. इसलिए इस पर सहमति बनायी गयी है कि उन्हें एसडीओ रैंक में प्रमोशन तो दे दिया जाये, लेकिन वे बीडीओ-सीओ का ही काम देखेंगे, जब तक कि बेसिक ग्रेड के अफसरों के कमी पूरी नहीं होती है.
