रांची : जसू ने पहली बार लोकसभा सीट जीती है. राज्य में कांग्रेस, झामुमो, झाविमो ने मिल कर महागठबंधन बनाया था. एनडीए फोल्डर में भाजपा व आजसू थी. आजसू गिरिडीह संसदीय सीट से चुनाव लड़ रही थी. एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का फायदा आजसू को मिला.
पहली बार आजसू को लोकसभा में स्थान मिला. वहीं, महागठबंधन के बाद भी राजद ने चतरा सीट पर विरोधी तेवर अपनाया था. समझौते के बाद भी वहां प्रत्याशी दे दिया था. इसके बाद भी राजद वहां हार गया. महागठबंधन के प्रत्याशी कांग्रेस के मनोज यादव भी यहां से चुनाव हार गये. राजद इसके अतिरिक्त पलामू से भी चुनाव लड़ रहा था.
वहां भी राजद के प्रत्याशी घूरन राम को भाजपा के सांसद बीडी राम से करारी शिकस्त मिली. कांग्रेस इस बार महागठबंधन के फोल्डर के तहत छह सीटों पर चुनाव लड़ रही थी. इसमें मात्र एक सीट पर उसके प्रत्याशी को जीत मिली. गीता कोड़ा को कांग्रेस ने सिंहभूम सीट से प्रत्याशी बनाया था. श्रीमती कोड़ा ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को हराया.
लेकिन कांग्रेस के पांच प्रत्याशी हार गये. महागठबंधन के समझौते के तहत झामुमो चार सीटों पर चुनाव लड़ रहा था. इसमें एक सीट पर झामुमो जीत सका. पार्टी के दिग्गज नेता शिबू सोरेन भी दुमका से अपनी सीट नहीं बचा सके. वहीं, भाजपा यहां 13 सीटों पर चुनाव लड़ रही थी. इसमें से 11 सीटों पर जीत दर्ज की.
खाता भी नहीं खुला वामदलों का :
इस बार महागठबंधन से अलग वामदलों ने कई सीटों पर चुनाव लड़ा था. माले प्रत्याशी को कोडरमा सीट से उम्मीद थी, तो भाकपा प्रत्याशी को हजारीबाग में उम्मीद थी. दोनों सीटों पर प्रत्याशियों की बुरी तरह हार हुई.
