प्रत्याशी बदलने के बाद भी जनता ने भाजपा पर ही लगायी मुहर
मनोज सिंहरांची :रांचीसंसदीय सीट पर प्रत्याशी बदलने का फायदा भी विपक्षी पार्टी उठा नहीं पायी. इस सीट पर भाजपा ने नये प्रत्याशी खादी बोर्ड के अध्यक्ष संजय सेठ को टिकट देकर दांव खेला था. टिकट काटे जाने का विरोध चार बार के सांसद रामटहल चौधरी ने किया था. पार्टी द्वारा समझाये जाने के बाद भी […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
मनोज सिंह रांची :रांचीसंसदीय सीट पर प्रत्याशी बदलने का फायदा भी विपक्षी पार्टी उठा नहीं पायी. इस सीट पर भाजपा ने नये प्रत्याशी खादी बोर्ड के अध्यक्ष संजय सेठ को टिकट देकर दांव खेला था. टिकट काटे जाने का विरोध चार बार के सांसद रामटहल चौधरी ने किया था. पार्टी द्वारा समझाये जाने के बाद भी वह बागी हो गये थे.
निर्दलीय मैदान में कूद पड़े. चुनाव में उनका प्रदर्शन काफी खराब रहा. उनकी जमानत जब्त हो गयी. वहीं संजय सेठ अब तक के सारे रिकाॅर्ड तोड़कर करीब पौने तीन लाख मत से जीते. सभी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी को बढ़त मिली. सबसे अधिक बढ़त श्री सेठ को कांके विधानसभा क्षेत्र से मिली.
वहां उनको 60 हजार से अधिक की बढ़त कांग्रेस प्रत्याशी से मिली. खिजरी विधानसभा क्षेत्र में उनको मात्र 20 हजार की ही बढ़त मिल पायी. श्री सेठ की बढ़त को कांग्रेस के प्रत्याशी कहीं नहीं पाट पाये. इस कारण श्री सेठ लगातार आगे बढ़ते गये और जीत की मार्जिन करीब पौन तीन लाख पहुंचा दी. इस बार के चुनाव में चुनावी राजनीति में कम अनुभव वाले संजय सेठ के सामने अनुभवी सुबोधकांत सहाय थे.
इसके बावजूद श्री सहाय उनके सामने टिक नहीं सके. संजय सेठ का रास्ता रोकने के लिए विपक्षी दलों ने काफी प्रयास किया था. एक भी अल्पसंख्यक उम्मीदवार मैदान में नहीं था. पिछली बार करीब 67 हजार मत लाने वाले बंधु तिर्की भी कांग्रेस प्रत्याशी के लिए काम कर रहे थे. झारखंड विकास मोर्चा ने भी प्रत्याशी नहीं दिया था. विपक्षी की सभी रणनीति पर भाजपा भारी पड़ी. भाजपा केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किये गये कामों के साथ जनता के पास गयी.