बिपिन सिंह
रांची : डाक विभाग झारखंड को इंटरनेशनल पार्सल हब की सौगात देने जा रहा है. ई-कामर्स कंपनियों के जरिये अपने पसंदीदा उत्पादों को मंगाने के साथ ही यहां से इंस्टेंट ही अपने पार्सल को बाहर भेजने के लिए राजधानी में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नोडल डिलिवरी सेंटर स्थापित होगा. इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के इस पार्सल हब को बनाने की अनुमति मिल चुकी है. रांची डाक मंडल ने नामकुम स्थित पोस्ट आॅिफस परिसर में जगह फाइनल कर दी है. लोकसभा चुनाव के बाद निर्माण भी शुरू हो जायेगा.
उम्मीद है जतायी जा रही है कि अगले कुछ महीनों में इस सेंटर से सेवाएं भी मिलने लगेंगी. इस पार्सल हब से कोई भी सामान न्यूनतम लागत में कम से कम समय में भेजा जा सकेगा. अभी तक पार्सल मंगाने अथवा भेजने में काफी मशक्कत होती थी. संभावना है कि इसके बन जाने से इस परिक्षेत्र के लोगों को फायदा मिलेगा. इस सेवा को शुरू करने का उद्देश्य इंडिया पोस्ट से होने वाले घाटे को कम करना है.
ऑनलाइन शॉपिंग के लिए बनेगा हब
इस ई-कामर्स डिलिवरी सेंटर के तहत ऑनलाइन सामान की बिक्री करने वाली कंपनियों से करार करके उनके सामान को कुरियर कंपनियों से भी जल्दी पहुंचाने की योजना है. शॉपिंग करने वाले ग्राहकों के सामान को पिक अप वैन से सीधे उनके घर तक पहुंचाया जायेगा. हालांकि, अब तक डाक विभाग स्पीड पोस्ट के अलावा छोटे सामान की डिलिवरी करता है, लेकिन ई-काॅमर्स हब के बाद ऑनलाइन कंपनियों के साथ ही इस विभाग शहर के भी उन प्रतिष्ठानों को जोड़ेगा, जिनके यहां से स्पीड पोस्ट तथा पार्सल अधिक संख्या में आवागमन होता है.
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा सेंटर
लगभग 25 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा बड़े इलाके में फैला यह पार्सल हब अन्य विकसित देशों की तर्ज पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा. यहां से हर जगह पार्सल भेजने और वहां से सामान डिलीवर करने की सुविधा मिलेगी. सुरक्षा के लिहाज से पूरा परिसर सीसीटीवी कैमरे की जद में होगा. किसी भी सामग्री को लोगों से लेकर संबंधित व्यक्तियों तक पहुंचायेगा. पार्सल भेजने और मंगाने की सारी सुविधाएं एक छत के नीचे न्यूनतम खर्च और कम समय में मिलेंगी.
बंपर कमाई का लक्ष्य, दस पिन कोड पर एक ही जगह से डिलीवरी की सुविधा
डाक विभाग ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों व कंपनियों को टारगेट कर रही है. दस पिन कोड पर एक ही जगह से डिलीवरी की सुविधा उपलब्ब्ध कराने की योजना है. अमेजन को छोड़ फिल्पकार्ट, स्नैपडील, पेटीएम व इस जैसी प्राइवेट ऑनलाइन व्यापार करने वाली संस्थाओं व निजी कुरियर कंपनियों से बातचीत कर रही है. इसके बाद इनके सामान की तुरंत डिलिवरी के साथ शहर में स्पीड पोस्ट तथा पार्सल की सुविधा का उपयोग करने वाले ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.
बीच रास्ते में ही खाली हो जा रहे हैं पैकेट
डाकघर से पार्सल में महंगे सामान मंगवाने पर इसके चोरी की शिकायतों ने पूरे सिस्टम को चौंका दिया है. मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, चश्मे, घड़ियां, लैपटॉप, आइपॉड जैसे महंगे और ब्रांडेड आइटम बड़ी खामोशी से डााक पार्सल के जरिये गायब हो जा रहे हैं. जबकि स्पीड पोस्ट से भेजे जाने वाले सामान व खाने-पीने की चीजें सही सलामत पहुंच रहे हैं. शायद यही वजह है कि ज्यादातर लोग करते प्राइवेट कुरियर कंपनियों पर भरोसा करने लगे हैं. ग्राहकों को पिछले कुछ दिनों से इसमें ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं.
