बैंकों ने 7,994 खातों में बांटे 388 करोड़ रुपये के शिक्षा लोन

रांची : अनुसूचित जाति, जनजाति को बढ़ावा देने के लिए बैंकों ने शिक्षा ऋण बांटने की नीतियों को लचीला बनाया है, जिसका असर जमीनी स्तर पर दिखायी दे रहा है. चार लाख तक बैंक लोन सरलता से दिये जा रहे हैं. हालांकि लोन के तौर पर ज्यादा राशि हासिल करने में परेशानी अब भी बनी […]

रांची : अनुसूचित जाति, जनजाति को बढ़ावा देने के लिए बैंकों ने शिक्षा ऋण बांटने की नीतियों को लचीला बनाया है, जिसका असर जमीनी स्तर पर दिखायी दे रहा है. चार लाख तक बैंक लोन सरलता से दिये जा रहे हैं.

हालांकि लोन के तौर पर ज्यादा राशि हासिल करने में परेशानी अब भी बनी हुई है. बैंकों की मानें तो नये नियमों के तहत 7.50 लाख तक के एजुकेशन लोन के लिए सीएनटी-एसपीटी एक्ट भी बाधक नहीं है.
एसएलबीसी झारखंड ने राज्य में कार्यरत विभिन्न बैंकों को निर्देश दिया है कि वह एससी-एसटी स्टूडेंट्स को मिलने वाले 7.50 लाख रुपये से ऊपर के शिक्षा ऋण को भी बढ़ायें. बैंकों द्वारा शिक्षा के लिए चार लाख तक बिना जमानतीय राशि के लोन दिये जाते हैं, लेकिन इससे ऊपर के लोन पर गारंटी की व्यवस्था है.
गौरतलब हो कि एसएलबीसी की 54वीं बैठक के बाद अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़ा वर्ग से जुड़े स्टूडेंट को उच्च शिक्षा के लिए लोन देने के लिए सरकार ने कमेटी गठित की है. इस कमेटी का मूल दायित्व शैक्षणिक संस्थाओं के चयन तथा इस वर्ग को मिलने वाली राशि का निर्धारण करना है.
एससी-एसटी छात्र को मिलने वाले 7.50 लाख रुपये से ऊपर के शिक्षा ऋण को भी बढ़ाने का निर्देश
झारखंड शिक्षा ऋण गारंटी योजना
झारखंड शिक्षा ऋण गारंटी योजना के अंतर्गत 7.5 लाख से अधिक की राशि पर राज्य सरकार द्वारा गारंटी दी जा रही है. इसके पूर्व अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को कड़े मापदंडों के चलते अक्सर ऋण लेने में कठिनाई होती थी.
बैंकों से हाल तक दिये गये कुल शिक्षा ऋण
चालू वित्तीय वर्ष में विभिन्न बैंकों से कुल 7,994 खातों में 388 करोड़ रुपये के लोन बांटे गये. पिछली बार 6,241 खातों में महज 335 करोड़ की राशि ही बांटी गयी थी़ जो सितंबर 18 की तुलना में 53 करोड़ ज्यादा है.
7.5 लाख रुपये के शिक्षा लोन की स्थिति
अनुसूचित जाति, जनजाति के स्टूडेंट को 7.5 लाख रुपये तक दिये गये कुल लोन की राशि में बहुत थोड़ा हिस्सा है. विभिन्न बैंकों के द्वारा इस वर्ग के 924 खातों में महज 19.78 करोड़ की राशि ही स्वीकृत किये जा सके.
10 लाख रुपये से ऊपर के शिक्षा लोन की स्थिति
बैंकों को टारगेट के तौर 10 लाख तक से ऊपर के लोन से जुड़े 24,544 खातों में 7 करोड़ 53 लाख रुपये डालने थे. जबकि जांच पड़ताल के बाद 7,530 लोन धारकों को ही इसके लिए उपयुक्त पाया. बैंकों ने इनमें महज 3 करोड़ 40 लाख की राशि का हस्तांतरण किया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >