रेड मड ढुलाई में 40 हाइवा लगाने की तैयारी थी, लेकिन 26 ही लगाये गये
मुरी : हिंडालको हादसे के बाद मंगलवार को बिना किसी बाधा के मलबा की ढुलाई हुई. हालांकि जिस गति से मलबा की ढुलाई हो रही है वह बरसात से पहले मलबा खाली करने के लिए काफी कम है. प्रबंधन की ओर से 40 हाइवा लगाये जाने की बात कही गयी थी, लेकिन मंगलवार को 26 हाइवा ही ट्रिप पर लगाये गये थे. सूत्रों के मुताबिक रेलवे लाइन पर से ही सीधे मलबे को मालगाड़ी में लोड करने की योजना पर भी विचार हो रहा है.
सैंड बैग किये जा रहे हैं तैयार : बरसात में स्वर्णरेखा में प्रदूषण रोकने व मलबा ढुलाई के लिए बनाये गये अस्थायी रास्ते के किनारों को बांधने में सैंड बैग का उपयोग किया जायेगा. इसके लिए स्वर्णरेखा नदी के किनारे सैकड़ों सैंड बैग तैयार किये जा रहे हैं. वहीं गांवों में मंगलवार को भी चिकित्सा शिविर लगाया गया. लगाम व मारदू में लगे शिविर में दवा दी गयी. साथ ही प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क का भी िवतरण िकया गया.
पाइप लाइन की मरम्मत का काम शुरू : उत्पादन बंद होने के बाद मेंटेनेंस का काम जोरों पर है. हिंडाल्को रेड मड पौंड की पाइप लाइनों की मरम्मत की गयी. काम करा रहे लोगों ने कहा कि कई जगह पाइप लाइन टूट गयी है.
आज बिजली बहाल होने की संभावना
हादसे में क्षतिग्रस्त मारदू गांव की 11 हजार लाइन बुधवार को चालू होने की संभावना है. विभाग की ओर से करीब 50 पोल गाड़े गये हैं. मंगलवार शाम तक इंश्यूलेटर व अन्य उपकरण लगाये जा रहे थे. काम करा रहे लोगों ने बताया कि बुधवार शाम तक बिजली बहाल कर दी जायेगी.
लोहरदगा में बंद किया बॉक्साइट परिवहन
लोहरदगा़ : हिंडाल्को कंपनी की मुरी फैक्ट्री बंद होने का असर लोहरदगा में भी पड़ने लगा है. हिंडाल्को कंपनी ने पाखर से बॉक्साइट की ढुलाई बंद करने की सूचना ट्रक मालिकों को दी है. कंपनी ने कहा है कि पिछले दिनों हिंडाल्को की मुरी में हुई अप्रत्याशित घटना के उपरांत उत्पन्न हुई स्थिति के कारण बॉक्साइट की ढुलाई 17 अप्रैल से अगले आदेश तक बंद रहेगी.
इधर कंपनी के इस फरमान से ट्रक मालिकों में हड़कंप मच गया है. उनका कहना है कि उनकी जीविका का एकमात्र साधन बॉक्साइट ट्रक है. इसके बंद हो जाने से उन लोगों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो जायेगी.
