रांची : दिल्ली स्थित एडजुकेटिंग अथॉरिटी ने मनी लाउंड्रिंग के आरोपी की संपत्ति जब्त करने को सही करार दिया है. प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने गोरखनाथ भगत के विभिन्न बैंक खातों में जमा 2.28 करोड़ रुपये की राशि को अस्थायी रूप से जब्त करने के बाद स्थायी जब्ती आदेश जारी करने के लिए एडजुकेटिंग अथॉरिटी में याचिका दायर की थी.
इडी ने गोरखनाथ व अन्य के खिलाफ मनी लाउंड्रिंग के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी. इसमें यह आरोप लगाया गया था कि गोरखनाथ ने मेसर्स एमएमएस एंड हेल्थ केयर आयुर्वेदिक सेंटर बना कर लोगों को ठगा.
इसके लिए पहले डेढ़ साल में राशि चौगुनी करने का लालच देकर लोगों को अपने ट्रस्ट का सदस्य बनाया. सदस्यता शुल्क के लिए 3000 रुपये लिया. इस रकम को चौगुनी करने के लिए डेढ़ साल बाद की तारीख का 2300-2300 रुपये का चार चेक जारी किया. इसके अलावा सदस्यों को अयुर्वेदिक दवाइयों के लिए 700-700 रुपये के कूपन दिये गये.
राशि चौगुनी करने का लालच देकर करोड़ों की ठगी करने के बाद ट्रस्ट का संचालक फरार हो गया. इडी ने मामले की जांच के दौरान ट्रस्ट के सात बैंक खातों में जमा 2.28 करोड़ रुपये अस्थायी रूप से जब्त कर लिया. इसके बाद इडी ने एडजुकेटिंग अथॉरिटी में याचिका दायर कर अपनी कार्रवाई को सही करार करने का अनुरोध किया. अथॉरिटी ने मामले की सुनवाई के बाद इडी की कार्रवाई को सही करार देते हुए स्थायी जब्ती का आदेश जारी किया.
