रांची : कृषि व उससे संबंधित विभागों के पीएल एकाउंट में पड़े 184 करोड़ रुपये सरेंडर कर दिये गये हैं. इन पैसों से कृषि विकास संबंधित काम होने थे.
दो साल में भी काम नहीं होने के कारण विभागीय मंत्री के आदेश के बाद पैसा सरेंडर कर दिया गया. मंत्री रणधीर कुमार सिंह के पीत पत्र के बाद कृषि विभाग ने इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया था. मंत्री ने आदेश दिया था कि 31 मार्च तक 2016-17 और 2017-18 के वित्तीय वर्ष की पीएल खाते में पड़ी राशि सरेंडर कर दी जाये. जैसमिन और जेएमएटीटीसी को छोड़ अन्य संस्थाओं ने राशि सरेंडर कर दी है.
सरेंडर की गयी राशि की सूचना विभाग को देनी है. कृषि विभाग की संस्था समेति में भूमि संरक्षण निदेशालय का तालाब निर्माण और जल निधि का पैसा पड़ा हुआ था. इसी तरह ओफाज में जैविक खेती का पूर्व का पैसा पड़ा हुआ था. झारखंड स्टेट इम्पलिमेंटिंग एजेंसी में गव्य विकास के लिए की गयी स्कीम के करीब 27 करोड़ रुपये पड़े हुए थे. इसी तरह मिल्क फेडरेशन के खाते में भी करीब 55 करोड़ रुपये पड़े हुए थे.
किस संस्थान ने कितना सरेंडर किया
संस्थान सरेंडर (करोड़ रुपये में)
समेति 90.00
ओफाज 11.00
जेएसआइए 27.30
मिल्क फेडरेशन 55.00
