सीआरपीएफ की 133वीं बटालियन में शौर्य दिवस मना
रांची/हटिया : सीआरपीएफ झारखंड चैप्टर के आइजी संजय आनंद लाठकर ने कहा कि नक्सलियों व आतंकवादियों द्वारा सुरक्षा बलों पर किये जा रहे हमले से हमारे अधिकारियों और जवानों का मनोबल नहीं टूट सकता है.
हमारे जवानों का मनोबल हमेशा ऊंचा रहा है और रहेगा. वह हर परिस्थिति का सामना बहादुरी से करने में सक्षम हैं. श्री लाठकर सीआरपीएफ की 133वीं बटालियन के धुर्वा सेक्टर-2 में आयोजित शौर्य दिवस कार्यक्रम में बोल रहे थे. आइजी ने मौके पर शहीदों को नमन किया गया. इसके बाद शहीद विजय सोरेंग की पत्नी कारमेला बा व शहीद प्रदीप कुमार मिर्धा की पत्नी आशा रानी को शॉल देकर सम्मानित किया गया.
वहीं वीरता पदक से अलंकृत अधिकारियों व जवानों को सम्मानित किया गया. पिछले एक वर्ष में झारखंड में तैनाती के दौरान महत्वपूर्ण कार्य में उत्कृष्ट भूमिका निभाने वाले सीआरपीएफ के तीन जवानों को पराक्रम पदक व 85 अधिकारी व जवानों को महानिदेशक सीआरपीएफ एवं दो जवानों को आइजी के प्रशंसा पत्र से नवाजा गया.
11 साल में 179 नक्सलियों को मार गिराया : आइजी ने कहा कि झारखंड सेक्टर के गठन से अब तक 11 साल की अवधि में 179 माओवादियों को मार गिराया गया है. इस अवधि में 111 माओवादियों ने सरेंडर किया जबकि 1888 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा 336 नियमित हथियार, 1333 देसी हथियार, 52514 गोला बारूद, 3254 आइइडी व 25000 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक जब्त किया गया.
झारखंड सेक्टर के सीआरपीएफ के जवानों को उनकी बहादुरी के लिए अब तक पांच शौर्य चक्र, 193 पीपीएमजी-पीएमजी, 100 पराक्रम पदक व 1126 महानिदेशक का प्रशंसा पत्र भी प्राप्त हुआ. वहीं सीआरपीएफ के अफसरों व जवानों ने झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को पढ़ाने तथा ग्रामीणों की स्वास्थ्य सेवा में योगदान दिया.
समारोह में वरिष्ठ अधिकारी अखिलेश प्रसाद सिंह, डीआइजी डीएस राठौर, मनीष सच्चर, अमित तनेजा, श्रीराम सिंह, डीटी बनर्जी, डॉ ए सरकार, ब्रजेश कुमार, कमांडेंट 94 बटालियन सुरेंद्र कुमार, संजय कुमार सिंह सहित 133 बटालियन के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे.
