रांची : डबल मर्डर में लोकेश चौधरी एमके सिंह के घर की कुर्की

साधना न्यूज चैनल के दफ्तर में हुई थी दो भाइयों की हत्या रांची/हटिया : साधना न्यूज चैनल के दफ्तर में व्यवसायी महेंद्र अग्रवाल और हेमंत अग्रवाल की हुई हत्या मामले में रविवार को पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता और आरोपी लोकेश चौधरी और एमके सिंह के घर कुर्की जब्ती की. कुर्की जब्ती की कार्रवाई करने के […]

साधना न्यूज चैनल के दफ्तर में हुई थी दो भाइयों की हत्या
रांची/हटिया : साधना न्यूज चैनल के दफ्तर में व्यवसायी महेंद्र अग्रवाल और हेमंत अग्रवाल की हुई हत्या मामले में रविवार को पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता और आरोपी लोकेश चौधरी और एमके सिंह के घर कुर्की जब्ती की. कुर्की जब्ती की कार्रवाई करने के लिए अरगोड़ा थाना की पुलिस मजिस्ट्रेट अरगोड़ा सीओ रवींद्र सिंह के साथ हेसाग के वसुंधरा अपार्टमेंट स्थित लोकेश चौधरी के फ्लैट पहुंची.
पुलिस ने फ्लैट से फ्रिज, कूलर, वाशिंग मशीन, तीन पलंग, सोफा, डाइनिंग टेबल, घड़ी, पंखा, कुर्सी, पुराना कपड़ा सहित अन्य सामानों की कुर्की जब्ती की है. वहीं दूसरी ओर डोरंडा थाना की पुलिस ने हीनू शुक्ला कॉलोनी स्थित एमके सिंह के फ्लैट में पड़े सारे सामानों को जब्त कर लिया. कुर्की जब्ती की कार्रवाई के बाद पुलिस दोनों को मामले में स्थायी रूप से फरार घोषित कर स्थायी वारंट के लिए न्यायालय से अनुरोध करेगी.
कैसे और कब हुई थी घटना
उल्लेखनीय है कि दोनों व्यवसायियों की हत्या छह मार्च को गोली मार की गयी थी. दोनों व्यवसायी बैग में मोटी रकम लेकर लोकेश को पहुंचाने गये थे. लेकिन लोकेश और एमके सिंह ने पहले से रुपये हड़पने की योजना तैयार कर रखी थी.
योजना के तहत ही एमके सिंह ने लोकेश चौधरी के बॉडीगार्ड धर्मेंद्र तिवारी के साथ खुद को आइबी का अधिकारी बताते हुए लोकेश चौधरी के ऑफिस में रेड किया और दोनों व्यवसायियों के रुपये को जब्त कर लिया. इस केस में धर्मेंद्र तिवारी ने पूर्व में न्यायालय में सरेंडर कर दिया था. जबकि लोकेश के एक अन्य बॉडीगार्ड सुनील कुमार सिंह और चालक शंकर को पुलिस गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है. धर्मेंद्र तिवारी और सुनील सिंह पूछताछ में बता चुके हैं कि लोकेश की योजना थी कि जब दोनों व्यवसायी रुपये लेकर आयेंगे, तब उन्हें किसी हालत में जाने नहीं देना है. एक तरह से हत्या पहले से सुनियोजित थी. दोनों व्यवसायियों से रुपये हड़पने के बाद लोकेश चौधरी अपने गार्ड को हिस्सा देना वाला था.
हत्या की घटना को अंजाम देने के बाद धर्मेंद्र तिवारी को अंतिम बार पटना में लोकेश चौधरी ने पांच हजार रुपये दिये थे. इससे पहले रुपये हड़पने के दौरान दोनों व्यवसायियों से एमके सिंह का विवाद हाे गया था. इस दौरान उसने अपना पिस्टल निकाल कर दोनों भाईयों को धमकाया था. बाद में उसने सुनील सिंह से पिस्टल लेकर दो राउंड फायरिंग की.
इसके बावजूद जब दोनों व्यवसायी एमके सिंह को रुपये देने को तैयार नहीं हुए, तब लोकेश और एमके सिंह ने धर्मेंद्र तिवारी से कहा कि दोनों को गोली मार दो. इसके बाद धर्मेंद्र तिवारी ने अपनी राइफल से दोनों भाइयों को तीन गोली मार कर उनकी हत्या कर दी. दोनों का शव पुलिस ने सात मार्च की सुबह चैनल के दफ्तर से बरामद किया था.

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