रांची : भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक रामकुमार पाहन ने कहा कि आजादी के बाद से ही आदिवासी समाज सरना कोड को लेकर आंदोलन कर रहा है.
इस आंदोलन में आदिवासी समाज के बहुत से लोगों को जेल एवं अपनी जान गंवानी पड़ी है. पूर्व में केंद्र में कांग्रेस की सरकार और राज्य में झामुमो-कांग्रेस की सरकार रहने के बावजूद भी इस विषय पर ध्यान नहीं दिया. सिर्फ आदिवासियों के नाम पर राजनीति की गयी.
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जनजाति समाज की भावनाओं को देखते हुए उनके धर्म, संस्कृति एवं पहचान को बनाये रखने व सरना धर्म कोड को लागू करने के लिए केंद्र सरकार से अनुशंसा करने का वादा किया है.
2021 की जनसंख्या की जनगणना में सरना धर्म कोड का कॉलम लागू होगा. आदिवासी समाज के लोग लोकसभा और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-झामुमो-झाविमो को मुंह तोड़ जवाब देंगे . इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक बड़ाईक, प्रदेश मंत्री अनु लकड़ा, कार्यालय प्रभारी रवि मुंडा उपस्थित थे.
