झारखंड से लेकर दिल्ली व बंगाल तक फैला हुआ है नेटवर्क
रांची : रांची पुलिस की साइबर सेल ने एटीएम कार्ड का क्लोन बना कर पैसे की निकासी करनेवाले साइबर अपराधियों के अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है़ इनमें बिहार के गया जिला के फतेहपुर थाना क्षेत्र के पकरी निवासी राहुल कुमार(32वर्ष),धीरज कुमार (19 वर्ष)व चंदन कुमार (25 वर्ष) शामिल है़ं यह जानकारी सिटी एसपी सुजाता कुमारी वीणापाणि ने सोमवार को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय में पत्रकाराें को दी़
सिटी एसपी ने बताया कि राहुल व चंदन को पकड़ने के लिए दोनों का फोटो भी पुलिस ने जारी किया था़ उसी के अाधार पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी और 30 मार्च को तीनों को सिद्धो कान्हो पार्क के समीप से गिरफ्तार किया गया़ जबकि गिरोह का मास्टरमाइंड सहित तीन सदस्य अभी भी फरार है़ं
पकड़े गये अपराधियों ने पुलिस को बताया है कि गिरोह का मास्टरमाइंड आलोक(25 वर्ष) है और वह इंजीनियरिंग किये हुए है़ पुलिस की पूछताछ में तीनों ने कुछ महीनों में छह लाख रुपये से अधिक निकासी की बात बतायी है़ यह भी बताया कि उनका नेटवर्क झारखंड, दिल्ली, बिहार, बंगाल सहित कई राज्यों में फैला हुआ है़
उनके पास से साइबर सेल की पुलिस ने 27 पीस विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, एक वैगनआर कार(बीआर 02एएन-7981) व तीन स्मार्टफोन बरामद किया है़ इस दौरान गिरोह को पकड़ने वाले साइबर सेल के डीएसपी यशोधरा, इंस्पेक्टर असीत कुमार मोदी, ममता कुमारी, आरक्षी अभिषेक कुमार व दीपक कुमार भी उपस्थित थे़
स्पाई कैमरा से करते हैं क्लोनिंग: अपराधियों ने बताया कि वे लोग स्पाई कैमरा से एटीएम कार्ड की क्लोनिंग करते है़ं मास्टर माइंड आलोक उन्हें ट्रेनिंग देता है़ इसके लिए गिरोह के सदस्य एटीएम से रुपये की निकासी करनेवालों के पीछे खड़े हो जाते हैं और पीछे से स्पाई कैमरा के जरिये एटीएम कार्ड का फोटो ले लेते हैं.
बाद में उसका क्लोन बना कर किसी भी एटीएम से निकासी कर लेते है़ं मुख्य रूप से जिस बैंक का एटीएम कार्ड रहता है, वहां से क्लोनवाले एटीएम कार्ड से निकासी करने में ज्यादा आसानी होती है़ इसलिए वे लोग निकासी करने के लिए रांची आये हुए थे़ बताया कि डोरंडा थाना क्षेत्र के एटीएम से निकासी करनेवालों को ज्यादा शिकार बनाया है़ वे लोग रुपये की निकासी करने के लिए कई एटीएम की रेकी कर रहे थे, उसी दौरान लोगों ने पुलिस को जानकारी दे दी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया़
एटीएम का की-पैड कर देते थे खराब: अपराधियों ने बताया कि उस एटीएम को सबसे ज्यादा निशाना बनाते थे जहां कोई गार्ड नहीं रहता था. इस तरह बिना गार्ड वाले एटीएम में जाकर सबसे पहले की-पैड खराब कर देते थे. ऐसे में जब कोई व्यक्ति निकासी करने आता था और की-पैड ठीक से काम नहीं करता था, तो मौका देख कर साइबर अपराधी उस व्यक्ति के पीछे पहुंच जाते थे और उनकी मदद करने की बात कहते हुए स्पाई कैमरा से एटीएम कार्ड का फोटो ले लेते थे. उसके बाद क्लोन बना कर निकासी कर लेते थे.
माॅल में एटीएम कार्ड का प्रयोग करते समय बरतें सावधानी
मॉल में एटीएम कार्ड का प्रयोग करते समय पीछे खड़े व्यक्ति को देखने न दें
कार्ड स्वाइप करने के दौरान कार्ड को सीधा रखें
सेल्समैन को एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करते समय पीछे की ओर देखने न दें
