डीएमएफटी योजनाओं में स्थानीय संवेदकों को प्राथमिकता देने की मांग

मजदूर नेता अब्दुल्ला अंसारी ने क्षेत्र के सांसद एवं विधायक से मांग की है

खलारी. खलारी के पूर्व जिला परिषद सदस्य सह मजदूर नेता अब्दुल्ला अंसारी ने क्षेत्र के सांसद एवं विधायक से मांग की है कि डीएमएफटी (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) फंड से संचालित विकास योजनाओं में स्थानीय संवेदकों को प्राथमिकता दी जाये. उन्होंने कहा कि खलारी प्रखंड खनन क्षेत्र होने के बावजूद यहां के ठेकेदारों को योजनाओं में पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहा है, जो चिंता का विषय है. अब्दुल्ला अंसारी ने बताया कि वर्तमान में डीएमएफटी फंड से जो भी योजनाएं टेंडर के माध्यम से स्वीकृत हो रही हैं, उनमें अधिकांश कार्य रांची के बाहरी ठेकेदारों को दिए जा रहे हैं. इसके कारण खलारी क्षेत्र के स्थानीय संवेदकों के सामने रोजगार का संकट उत्पन्न हो रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है.उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर योग्य और अनुभवी संवेदक मौजूद हैं, जिन्हें अवसर मिलने पर वे बेहतर ढंग से कार्य संपन्न कर सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि खलारी क्षेत्र से कोयला खनन के माध्यम से राज्य सरकार को प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये की रायल्टी प्राप्त होती है, जिसका एक हिस्सा डीएमएफटी फंड में जमा होता है. ऐसे में यह आवश्यक है कि इस फंड से होने वाले विकास कार्यों का लाभ स्थानीय लोगों को भी मिले और क्षेत्रीय संवेदकों को प्राथमिकता दी जाये. अब्दुल्ला अंसारी ने जनप्रतिनिधियों से इस दिशा में ठोस पहल करने की अपील करते हुए कहा कि यदि स्थानीय संवेदकों को प्राथमिकता दी जाती है तो इससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और खलारी प्रखंड का समग्र विकास सुनिश्चित हो सकेगा.

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By DINESH PANDEY

DINESH PANDEY is a contributor at Prabhat Khabar.

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