दुर्जय पासवान, गुमला : भाजपा के सुदर्शन भगत करीब 10 वर्षों से लोहरदगा संसदीय क्षेत्र के सांसद हैं. दोनों बार श्री भगत ने कांग्रेस के डॉक्टर रामेश्वर उरांव को हराया. इस बार पार्टी ने सुदर्शन भगत पर विश्वास जताया है.
वहीं कांग्रेस में अभी तक किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं हुई है. 2014 के बाद पांच वर्षो में सुदर्शन भगत ने क्या काम किया और कांग्रेस के रामेश्वर उरांव भाजपा के कामों से कितना संतुष्ट हैं. दोनों नेताओं से प्रभात खबर ने बात की है.
सांसद सह राज्य मंत्री सुदर्शन भगत ने कहा है कि मैं अपने 10 साल के कार्यकाल में लोहरदगा संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत पड़नेवाले सभी विधानसभा क्षेत्रों में विकास का काम किया हूं. इसका गवाह मेरा काम व जनता है.
मैं घर का बेटा हूं. बेटा बन कर काम करता रहूंगा. इस बार भी जनता मेरे साथ है, क्योंकि उनका बेटा सुदर्शन भगत चुनाव मैदान में है.
जनता की जो भी समस्या मेरे पास पहुंची है. उन समस्याओं को मैं दूर करता रहा हूं. कुछ काम करना अभी बाकी है. जनता का साथ मिला तो सभी अधूरे काम को पूरा करूंगा. मैंने अपने कार्यकाल में कई बड़ी योजनाओं को पूर्ण कराया हूं. कुछ योजनाओं पर काम चल रहा है.
टैसेरा से मुरकुंडा तक सड़क बन गयी है. कुम्हारी तक काम चल रही है. शहीद नायमन कुजूर पथ पर काम चल रहा है. चैनपुर, नवगई व जैरागी पथ बन रही है. छत्तीसगढ़ राज्य के जशपुर से लेकर गुमला होते हुए लातेहार के महुआडाड़ तक सड़क बन रही है.
यह सीधे नेशनल हाइवे से जुड़ रही है. बाइपास सड़क का काम अंतिम चरण में है. इस साल के अंत तक सड़क बन जायेगी. जोलोघाट में हाईलेबल पुल बन रहा है. एक महीने में पूर्ण हो जायेगी. बालाघाट में पुल बन गयी है. ओलमुंडा घाट में पुल बन रहा है.
पॉलिटेक्निक कॉलेज में जल्द पढ़ाई शुरू होगी. आकांक्षी योजना से सभी राजस्व गांव में बिजली पहुंच गयी है. कुछ गांव व टोले छूटे हैं, तो उन गांवों में पंडित दीनदयाल योजना से बिजली पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है.
सुदर्शन के दर्शन को तरस गयी जनता : रामेश्वर उरांव
वर्ष 2014 के चुनाव में कांग्रेस के डॉक्टर रामेश्वर उरांव दूसरे नंबर पर थे. उन्होंने सुदर्शन भगत के कामों के लिए जीरो नंबर दिया है.
श्री उरांव ने कहा है कि सुदर्शन भगत भाजपा के सबसे नकारा सांसद हैं. अपने कार्यकाल में कभी जनता के मुद्दे नहीं उठाये. सांसद रहने के साथ सुदर्शन भगत कई विभागों के मंत्री रहे. लेकिन किसी भी विभाग में वे काम नहीं कर सके.
जिस कारण भाजपा उन्हें नकारा मानते हुए विभाग बदलता रहा. नेता का काम दिखता है. लेकिन सुदर्शन भगत का काम पूरे लोहरदगा संसदीय क्षेत्र में नहीं दिख रहा है.
कभी किसी गांव में गये नहीं हैं. अगर कुछ गांवों में गये हैं तो योजनाएं शिलान्यास करने गये हैं. लेकिन उन योजनाओं को अभी तक पूर्ण नहीं कराया. बाइपास सड़क अभी तक बन जाना चाहिए था. लेकिन सुदर्शन भगत 10 साल तक सांसद रहने के बाद भी सड़क नहीं बनवा सके. आज भी गुमला के लोग बाइपास सड़क नहीं रहने से परेशान हैं.
लोहरदगा में बाइपास सड़क बनना है. इसके लिए फंड भी जिला को प्राप्त हुआ. लेकिन सुदर्शन भगत के कारण पैसा वापस हो गया. मैं जहां भी जा रहा हूं. जनता पूछ रही है कि सुदर्शन भगत 10 साल तक कहां थे. तो भाई मैं अब क्या जवाब दूं. इसका मतलब है कि सुदर्शन भगत अपने क्षेत्र से गायब रहे. किस्को प्रखंड के लोगों ने मुझे कहा कि सुदर्शन भगत 10 साल तक सांसद रहने के बाद भी एक बार किस्को प्रखंड नहीं आये.
