बीओबी, विजया बैंक व देना बैंक के मर्जर की प्रक्रिया पूरी
तीनों बैंकों के मर्ज होने के बाद भी बंद नहीं होगी कोई शाखा
रांची : बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी), विजया बैंक एवं देना बैंक के मर्जर की प्रक्रिया पूरी हो गयी है. एक अप्रैल 2019 से ये सभी बैंक ‘बैंक ऑफ बड़ौदा’ के नाम से ही जाने जायेंगे. हालांकि, किसी भी ग्राहक को परेशान होने की जरूरत नहीं है. तीनों बैंकों के आइटी सिस्टम को एक प्लेटफाॅर्म पर लाने में अभी समय लगेगा. तब तक वर्तमान खाता संख्या, चेक बुक और पासबुक शाखाओं में स्वीकार किये जायेंगे.
आइएफएससी कोड भी वही रहेगा. इस प्रक्रिया में लगभग छह माह तक का समय लग सकता है. तीनों बैंकों के मर्ज होने से कोई भी शाखा बंद नहीं होगी.
मर्जर के बाद बीओबी की झारखंड में कुल 130 शाखाएं हो जायेंगी. वर्तमान में झारखंड में बीओबी 93 शाखाएं, देना बैंक की 21 शाखाएं और विजया बैंक की 16 शाखाएं कार्यरत हैं. मर्जर के बाद देश भर में बैंक के 10 करोड़ ग्राहक हो जायेंगे.
दो रीजन में बंटेगा : झारखंड में तीनों बैंकों के मर्जर होने से शाखाओं की संख्या भी बढ़ जायेगी. शाखाओं के बढ़ जाने से इसे दो रीजन में बांटा जायेगा. एक रीजन में 90 शाखायए होंगी. झारखंड में जमशेदपुर से शाखाओं का संचालन किया जा रहा है. वहीं देवघर और कोडरमा की शाखाओं को दूसरे रीजन में रखा जायेगा. बिहार के गया में दूसरा रीजन खुलेगा.
तीनों बैंकों के मर्जर की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. मर्जर के बाद बैंक के ग्राहकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है. तब तक शाखाआें में वर्तमान खाता संख्या, चेक बुक और पासबुक स्वीकार किये जायेंगे.
राजेंद्र कुमार, महाप्रबंधक सह अंचल प्रमुख, बीओबी
