सिंगरौली में एचइसी निर्मित वाॅकिंग ड्रैगलाइन की हुई लांचिंग, कोल इंडिया के चेयरमैन ने कहा
रांची : एचइसी ने एनसीएल के लिए वाकिंग ड्रैगलाइन बनायी है. इस ड्रैगलाइन की लांचिंग सिंगरौली में गुरुवार को कोल इंडिया के चेयरमैन अनिल कुमार झा व एनसीएल के सीएमडी पीके सिन्हा ने संयुक्त रूप से किया. श्री झा ने कहा कि यह पृथ्वी पर चलनेवाली सबसे बड़ी मशीनों में एक है.
एचइसी विश्व की उन चार कंपनियों में से एक है, जो इस तरह की ड्रैगलाइन बना सकती है. उन्होंने कहा कि एचइसी मॉडर्न इंडिया का एक मंदिर की तरह है. जहां आज भी बड़ी-बड़ी अत्याधुनिक मशीनों का निर्माण संभव है. उन्होंने एचइसी को हरसंभव सहयोग करने की बात कही. उन्होंने अत्याधुनिक ड्रैगलाइन बनाने के लिए टीम एचइसी को बधाई दी.
एचइसी के निदेशक विपणन सह उत्पादन राणा एस चक्रवर्ती ने ड्रैगलाइन की खासियत के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह अत्याधुनिक ड्रैगलाइन ओवर बर्डेन वार्षिक करीब 4.01 मिलियन क्यूबिक मीटर हटा सकती है.
मशीन की कीमत 163 करोड़ रुपये है. मशीन का वजन दो हजार टन है. इस तरह का डैगलाइन विश्व में मात्र चार देश अमेरिका, रूस, चीन और ऑस्ट्रेलिया ही बना सकते हैं. इस ड्रैगलाइन की सबसे बड़ी खासियत इसका यूनिक डिजाइन है. इस ड्रैगलाइन की बहुत सारी खासियत है. यह मेक इन डंडिया के तहत बनायी गयी है.
यह चतुर्भुज आकार का है, वार्निंग एलट सिस्टम, सस्पेंसन सिस्टम, ड्रैग रोप, प्रेशराइज्ड मशीनरी हाउस फ्री फ्रोम डस्ट, मॉड्यूलर ड्राइव यूनिट सहित अन्य खूबियां हैं. इस अवसर पर एनसीएल के निदेशक तकनीक ऑपरेशन गुणाधर पांडे, पीएम प्रसाद, निदेशक वित्त एनएन ठाकुर, जेपी प्रसाद, आर प्रसाद, पीआरके सिन्हा मुख्य रूप उपस्थित थे.
