एचइसी को डिफेंस से 370 करोड़ रुपये का कार्यादेश मिला है. न्यूक्लियर रिएक्टर के लिए फोर्जिंग, स्टीम जेनेरेटर एंड पंप फोर्जिंग सहित कई जटिल उपकरण का निर्माण किया जायेगा. इसे तीन वर्ष में पूरा करना है. एचइसी ने पूर्व में भी इस तरह के उपकरण का निर्माण किया है, लेकिन वह आकार में बहुत छोटा था. अब एचइसी बड़े उपकरण का निर्माण करेगा, जो अति संवेदनशील है. इस कारण इसके नाम को उजागर नहीं किया गया है.
यह कार्यादेश एचइसी के लिए मील का पत्थर साबित होगा. इस कार्यादेश को लेने के लिए एचइसी का मार्केटिंग विभाग काफी दिनों से प्रयास कर रहा था. अधिकारी ने बताया कि कार्यादेश को दिलाने में भारी उद्योग मंत्रालय ने भी एचइसी को सहयोग किया है. मालूम हो कि पिछले 10 वर्षों में इतना बड़ा कार्यादेश एचइसी को नहीं मिला था.
