रांची : राज्य में नर्सिंग स्कूल एवं कॉलेज प्रारंभ करने के पूर्व राज्य सरकार से एनओसी प्राप्त करने की प्रक्रिया में कुछ बदलाव किये गये हैं. इससे संबंधित आदेश विभागीय सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने जारी कर दिया है.
इसके तहत राज्य में नर्सिंग स्कूल एवं नर्सिंग कॉलेज आरंभ करने के लिए आवश्यक शुल्क के साथ संपूर्ण अहर्ताओं के प्रमाण पत्र संलग्न करते हुए प्रस्ताव झारखंड परिचारिका निबंधन परिषद (जेएनआरसी) में जमा किये जायेंगे.
जेएनआरसी द्वारा प्राप्त आवेदनों की प्रारंभिक समीक्षा करते हुए अपूर्ण आवेदनों को आवेदकों को त्रुटि अंकित करते हुए वापस कर दिया जायेगा. झारखंड नर्सिंग निबंधन परिषद को प्राप्त आवेदन की जांच के लिए जिला के सिविल सर्जन की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गयी है.
विभागीय सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने जारी किया आदेश
क्या होगा कमेटी का काम
सिविल सर्जन (अध्यक्ष) : नर्सिंग पढ़ाई के लिए आवश्यक व्यवस्था, उपकरण, फैकल्टी का निरीक्षण, संस्था के पास पूर्व से संचालित 100 बेड के अस्पताल की उपलब्धता की जांच करेंगे.
निबंधक झारखंड परिचारिका परिषद (सदस्य सचिव) : आवेदनों में सभी वांछित कागजात, निबंधन अभिलेखों एवं बैंक गारंटी की जांच करेंगे.
अपर समाहर्ता (सदस्य) : ग्रामीण क्षेत्र में दो एकड़ और नगर निगम क्षेत्र में एक एकड़ भूखंड की उपलब्धता की जांच करेंगे. भूमि क्रय से संबंधित कागजात की जांच करेंगे.
कार्यपालक अभियंता, भवन निर्माण विभाग (सदस्य) : प्रस्तावित स्कूल एवं कॉलेज के भवन के मानक की जांच करेंगे.
और क्या लिखा है आदेश में
आदेश में लिखा गया है कि जिला स्तरीय जांच समिति द्वारा जांच किया जायेगा. एनआरसी जांच प्रतिवेदन पर अनुशंसा के साथ सचिव की अध्यक्षता में पूर्व से गठित राज्य स्तरीय समिति को प्रस्ताव भेजेगा. राज्य स्तरीय समिति द्वारा निर्णय के बाद विभागीय मंत्री से अनुमोदन प्राप्त करते हुए एनओसी निर्गत किया जायेगा.
