रांची : रांची नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में वर्ष 2019-20 के लिए 2395 करोड़ रुपये के बजट की स्वीकृति दी गयी. मेयर आशा लकड़ा ने कहा कि इसमें फुटपाथ दुकानदारों को व्यवस्थित करने के लिए 2.42 करोड़, पार्कों के सुधार एवं सौंदर्यीकरण के लिए 3.63 करोड़, निगम में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के लिए 2.40 करोड़ की राशि को मंजूरी दी गयी है.
इससे पहले शहर के सभी वार्ड पार्षदों ने शहर की सफाई करनेवाली कंपनी आरएमएसडब्ल्यू को हटाने की मांग को लेकर हंगामा किया़ इसके बाद कंपनी को टर्मिनेट कर दिया गया़ बैठक में मेयर आशा लकड़ा, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, नगर आयुक्त मनोज कुमार, अपर नगर आयुक्त गिरिजा शंकर प्रसाद, सहायक नगर आयुक्त रजनीश कुमार आदि मौजूद थे.
बोरिंग करने की अनुमति नहीं दे रहा एचइसी : बैठक में वार्ड 39 के पार्षद वेद प्रकाश सिंह ने सवाल उठाया कि एक ओर निगम शहर के लोगों को पानी पिलाने के लिए हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है. दूसरी ओर एचइसी प्रबंधन अपने क्षेत्र में हमें बोरिंग करने की भी अनुमति नहीं दे रहा है.
ऐसे में हम अपने क्षेत्र की जनता को कैसे पानी पिला सकेंगे. श्री सिंह ने मेयर, डिप्टी मेयर व नगर आयुक्त से मांग की है कि वे अपने स्तर से इस मामले का समाधान निकालें. अन्यथा एचइसी क्षेत्र के सभी पार्षद आंदोलन के लिए सड़क पर उतरेंगे.
इन निर्णयों को भी दी गयी मंजूरी
गर्मी में जल संकट को देखते हुए सभी 53 वार्डों के स्लम एरिया में पांच-पांच रेन वाटर हार्वेंस्टिंग करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी. इसके लिए बजट में 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है.
शहर के सभी सरकारी स्कूलों, कॉलेजों में पेयजल और शौचालय की सुविधा की व्यवस्था निगम करायेगा.सड़क में लगने वाले जाम व लोगों को सड़क पार करने में होने वाली परेशानी को देखते हुए फूट ओवरब्रिज और अंडर पास बनाने का निर्णय लिया गया.
दिव्यांगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए दिव्यांग वेंडर मार्केट का निर्माण करने का निर्णय लिया गया.
जनप्रतिनिधियों के लिए भी बजट में किये गये प्रावधान
पार्षदों को प्रतिमाह एक हजार रुपया मोबाइल भत्ता दिया जायेगा, 53 वार्ड के पार्षदों के मानदेय के लिए 2.07 करोड़ का प्रावधान किया गया व वार्ड कार्यालय के संचालन के लिए प्रतिमाह चार हजार व मेयर कार्यालय के संचालन के लिए 10 हजार रुपये प्रतिमाह देने की स्वीकृति दी गयी.
