राजेश कुमार
रांची : अक्सर एटीएम में धोखाधड़ी की घटनाएं सामने आती हैं. अब इससे निजात मिलेगी. इन समस्याओं को देखते हुए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) ने नयी पहल की है. पायलट प्रोजेक्ट के तहत बैंक के एटीएम की निगरानी ई-सर्विलांस से होगी. इन एटीएमों में कई तकनीक जोड़ी गयी हैं, ताकि इन धोखाधड़ी आदि पर रोक लगायी जा सके.
पायलट प्रोजेक्ट के तहत झारखंड के 10 एटीएम की निगरानी ई-सर्विलांस से शुरू हो गयी है. योजना सफल रही, तो अन्य एटीएम में भी यह तकनीकी लागू की जायेगी. जिन स्थानों पर एटीएम में ई-सर्विलांस तकनीक लगायी गयी है, उनमें रांची का हिनू, अरगोड़ा, अपर बाजार, हरमू शामिल हैं. वहीं, जमशेदपुर के भालूबासा और आरएसबी जमशेदपुर, डालटेनगंज और चाईबासा के चार एटीएम भी शामिल हैं.
एटीएम में धोखाधड़ी या अन्य प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए एटीएम की निगरानी पायलट प्रोजेक्ट के तहत ई-सर्विलांस से की जा रही है.
संजय श्रीवास्तव, डीजीएम, एसबीआइ
कई उन्नत तकनीकों से लैस होगा एटीएम रूम : ई-सर्विलांस के तहत एटीएम रूम को कई उन्नत तकनीकों से लैस किया गया है. इसकी निगरानी 24 घंटे और सातों दिन होंगी. अलग से कंट्रोल रूम बनाये गये हैं
मॉनिटरिंग के लिए अलग से स्टाफ लगाये गये हैं. एटीएम रूम में किसी भी तरह का संदेह होने पर मॉनिटरिंग रूम से मैसेज भी सुनायी देगा. टू-वे माइक लगाये गये हैं. यही नहीं, कैमरा में कई लोगों के एक साथ दिखने पर बीप का आवाज देने लगेगा. मॉनिटरिंग रूम में एटीएम का लाइव पिक्चर भी दिखेगा.
एक साल की रिकॉर्डिंग रहेगी : किसी भी प्रकार की घटना होने पर पांच मिनट के अंदर सारा डाटा उपलब्ध कराया जा सकेगा. साथ ही एक साल की रिकॉर्डिंग भी रखी जायेगी. योजना सफल रहने पर रांची जोन के लगभग 492 एटीएम में यह सुविधा शुरू की जायेगी.
