रांची एयरपोर्ट के कार्गो से 6371 मीट्रिक टन सब्जियों व सामान की ढुलाई हुई साल भर में

राजेश झा किसानों और व्यवसायियों के लिए फायदेमंद साबित हो रही कार्गो सेवा रांची : बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर वर्ष 2017 से शुरू हुई कार्गो सेवा में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. इससे झारखंड के किसानों और व्यवसायियों को काफी फायदा हो रहा है. दरअसल झारखंड की सब्जियां जैसे : मटर, गोभी, कटहल दिल्ली और […]

राजेश झा
किसानों और व्यवसायियों के लिए फायदेमंद साबित हो रही कार्गो सेवा
रांची : बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर वर्ष 2017 से शुरू हुई कार्गो सेवा में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. इससे झारखंड के किसानों और व्यवसायियों को काफी फायदा हो रहा है. दरअसल झारखंड की सब्जियां जैसे : मटर, गोभी, कटहल दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में पहुंची रही हैं. इसके अलावा कई अन्य तरह के सामान भी देश के अन्य हिस्सों में भेजे जा रहे हैं.
जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में 4270 मीट्रिक टन की ढुलाई हुई थी. वर्ष 2018 में कार्गों ढुलाई का आंकड़ा बढ़कर 6371 मीट्रिक टन हो गया, जो बीते वर्ष के मुकाबले 2101 मीट्रिक टन ज्यादा है. बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के अधिकारी ने बताया कि आने वाले वर्षों में कार्गों सेवा में और अधिक बढ़ाेतरी होने की संभावना है. फिलवक्त रांची से विभिन्न शहरों के लिए 31 फ्लाइट हैं. इनमें महज 20 प्रतिशत ही माल ढुलाई हो रही है. शेष 80 प्रतिशत जागरूकता नहीं होने के कारण खाली रहता है.
पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष कार्गो में अधिक ढुलाई हुई है. अगर झारखंड की मंडी, उद्योग में जिला प्रशासन और अन्य संस्था से ज्यादा से ज्यादा सहयोग मिले, तो आनेवाले वर्षों में कार्गो सेवा में और बढ़ोतरी होगी.
– डॉ प्रभात रंजन देऊरिया, निदेशक, बिरसा मुंडा एयरपोर्ट
कब कितनी माल ढुलाई हुई विमान से
माह वर्ष 2017 वर्ष 2018
मीट्रिक टन में मीट्रिक टन में
जनवरी 232 444
फरवरी 269 436
मार्च 270 559
अप्रैल 410 670
मई 371 500
जून 346 570
जुलाई 389 581
अगस्त 371 556
सितंबर 410 544
अक्तूबर 392 595
नवंबर 380 441
दिसंबर 430 475
कुल 4270 6371
एप्रॉन सेवा शुरू करने के लिए डीजीसीए को लिखा पत्र
रांची. बिरसा मुंडा एयरपोर्ट में तीन एप्रॉन बनकर तैयार हो गये हैं. एप्रॉन सेवा शुरू करने के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन ने डायरेक्ट्रेट जेनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) को पत्र लिखा है. वहां से अनुमति मिलने के बाद एप्रॉन से सेवा शुरू कर दी जायेगी. तीन नये एप्रॉन बानने से एयरपोर्ट में एक साथ आठ विमान एक साथ पार्क हो सकेंगे. एयरपोर्ट के निदेशक ने बताया कि पहले विमान की संख्या कम थी अब विमानों की संख्या 30 से अधिक हो गयी है. इस कारण विमानों के पार्क करने में असुविधा होती थी. उन्होंने कहा कि एप्रॉन बनने से विमान पार्क में सुविधा होगी. उम्मीद है एक सप्ताह के अंदर अनुमति मिल जायेगी. वहीं, दो नये एयरोब्रिज भी लगाये जायेंगे, जिससे होकर यात्री सीधे टर्मिनल बिल्डिंग में प्रवेश करेंगे.

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