रांची : 237 पाइप जलापूर्ति योजनाओं से 40% आबादी को मिलेगा पेयजल

रांची : पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने कहा है कि झारखंड में पाइप जलापूर्ति योजना से ग्रामीण आबादी का आच्छादन वर्ष 2014-15 में 12 प्रतिशत था. वर्ष 2014-15 से राज्य भर में 350 वृहद पाइप जलापूर्ति योजनाओं की शुरुआत की गयी. इनमें से 113 योजनाएं अब तक पूरी हो चुकी हैं. इन योजनाओं […]

रांची : पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने कहा है कि झारखंड में पाइप जलापूर्ति योजना से ग्रामीण आबादी का आच्छादन वर्ष 2014-15 में 12 प्रतिशत था.
वर्ष 2014-15 से राज्य भर में 350 वृहद पाइप जलापूर्ति योजनाओं की शुरुआत की गयी. इनमें से 113 योजनाएं अब तक पूरी हो चुकी हैं. इन योजनाओं के पूरा होने से राज्य की लगभग 32 फीसदी ग्रामीण आबादी को शुद्ध पेयजल मिलने लगा है. शेष 237 योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है. इन योजनाओं के पूरा होने से 40 प्रतिशत आबादी को पाइप लाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने लगेगा.
वर्ष 2020 तक राज्य की 50 फीसदी आबादी को पाइप लाइन के माध्यम से जलापूर्ति का लक्ष्य रखा गया है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद मंत्री ने कहा : राज्य के आठ जिलों में डीएमएफटी की राशि से वर्ष 2017-18 में 47 और वर्ष 2018-19 में अब तक 30 ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजनाएं पूरी की जा चुकी हैं. लगभग 2702 करोड़ रुपये की लागत से योजनाओं पूरा किया गया है.
185.45 करोड़ लागत की पांच अन्य ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को भी स्वीकृति देने की प्रक्रिया चल रही है. इन योजनाओं के पूरा होने पर 29 लाख से अधिक आबादी को लाभ मिल सकेगा.
राज्य के छह खनिज बाहुल्य जिले धनबाद, बोकारो, पश्चिमी सिंहभूम, रामगढ़, चतरा और गोड्डा को डीएमएफटी की राशि से शत-प्रतिशत आबादी तक पाइप लाइन के माध्यम से पेयजल पहुंचाने की योजना है.
सभी 2600 आदिम जनजाति के टोलों को शत-प्रतिशत आच्छादन कर सौर ऊर्जा चालित लघु ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजना के तहत पानी उपलब्ध करा दिया गया है. इसके अलावा राज्य के आर्सेनिक और फ्लोराइड से ग्रसित जिलों में गुणवत्ता प्रभावित 648 टोलों में शुद्ध जलापूर्ति योजनाएं शुरू की गयी हैं. फ्लोराइड से प्रभावित टोलों में फ्लोराइड मुक्त जलापूर्ति के लिए प्लांट स्थापित कर लिया गया है.

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