मौत का कारण बंध्याकरण का ऑपरेशन बता रहे हैं लोग
मांडर : बंध्याकरण के अॉपरेशन के तीन दिन बाद ही मांडर बस्ती की मनीषा खलखो (26 वर्ष) की मौत होने का मामला प्रकाश में आया है. बताया जा रहा है कि मनीषा (पति दाऊद खलखो) का बंध्याकरण का अॉपरेशन सहिया के माध्यम से छह फरवरी को बुढ़मू में हुआ था.
सात फरवरी को वह घर लौट गयी थी. घर आने के बाद से ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी. नौ फरवरी को उसकी हालत गंभीर होने पर परिजन उसे मांडर रेफरल अस्पताल ले गये. जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे रेफर कर दिया गया. उसे पहले रिम्स ले जाया गया, लेकिन वहां इलाज में हुई देरी के बाद बरियातू स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया. जहां इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गयी.
मनीषा की पांच माह की बच्ची सहित तीन छोटे बच्चे हैं. बंध्याकरण के ऑपरेशन के बाद महिला की मौत की जानकारी मिलने पर मांडर की पंसस सरिता तिग्गा ने रेफरल अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉ किशोर कुल्लू से बात की. सरिता तिग्गा ने बताया कि चिकित्सा प्रभारी ने मृतका के परिवार को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है.
इधर चिकित्सा प्रभारी डॉ किशोर कुल्लू ने कहा कि मनीषा खलखो के साथ मांडर की एक और महिला का बुढ़मू में बंध्याकरण हुआ था. मनीषा की मौत किस कारण से हुई है. इसके लिए उसका डेथ स्लिप देखना होगा. उन्होंने सहिया को मनीषा का डेथ स्लिप लाने का निर्देश दिया है. जिसे देखने के बाद ही उसके परिजनों की मदद के लिए कोई पहल की जा सकती है.
