हेमंत सोरेन खुद सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन करना चाहते थे
रांची : पेयजल स्वच्छता मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने कहा है कि 15 सालों में उन्होंने रामगढ़ के विकास के लिए क्या काम किये हैं, इसके लिए अगर हेमंत सोरेन साल भर भी मेरे विधानसभा क्षेत्र में घूमते रहेंगे, तो जमीन पर उतारी गयी योजनाओं की गिनती पूरी नहीं कर सकेंगे.
हेमंत सोरेन एक पंचायत का नाम बतायें, जहां उन्होंने विकास का काम किया हो. वर्षों तक संताल परगना की जनता इन्हें सर आंखों पर बिठाये रखी, पर संताल परगना की दुर्दशा नहीं सुधरी. उन्हें अपने गिरेबां में झांकना चाहिए.
श्री चौधरी ने कहा कि हेमंत सोरेन खुद सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन करना चाहते थे. 2010 में जेएमएम के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री मथुरा महतो ने संशोधन का प्रस्ताव लाया था. इस प्रस्ताव को वित्त मंत्री की हैसियत से हेमंत सोरेन ने स्वीकृति दी थी. पुनः हेमंत सोरेन ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में 27 सितंबर 2014 को खुद अपनी अध्यक्षता में टीएसी की बैठक में संशोधन को मंजूरी दिलायी थी. क्योंकि वे सीएनटी-एसपीटी के उल्लंघन को कानूनी रूप देना चाहते थे.
सीएनटी-एसपीटी एक्ट का उल्लंघन उनके परिवार द्वारा कई जगहों पर किया गया है, जो एक आपराधिक कृत्य है. श्री चौधरी ने कहा कि आठ बार उनके पिता शिबू सोरेन सांसद रहे, केंद्र में कोयला मंत्री रहे, दो बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे. खुद हेमंत सोरेन राज्य के मुख्यमंत्री रहे. मैं चुनौती देता हूं कि वे झारखंड के हित में एक भी उपलब्धि बतायें. यहां तक कि स्थानीयता पर सरकार गिरा कर खुद मुख्यमंत्री बने और स्थानीय नीति भी नहीं बना पाये.
