रांची : हाइकोर्ट के निर्देश पर भी फरार वारंटियों को पकड़ने में एसपी नहीं ले रहे हैं रुचि

सीआइडी एडीजी द्वारा तैयार समीक्षा रिपोर्ट से हुआ खुलासा रांची : हाइकोर्ट के निर्देश और डीजीपी के आदेश पर पूरे राज्य में फरार वारंटियों की गिरफ्तारी को लेकर अभियान चलाया जा रहा है. पर इन वारंटियों को गिरफ्तार करने में गुमला एसपी रुचि नहीं ले रहे हैं. दूसरे जिलाें के एसपी का परफॉरमेंस भी ठीक […]

By Prabhat Khabar Print Desk | February 11, 2019 8:46 AM
सीआइडी एडीजी द्वारा तैयार समीक्षा रिपोर्ट से हुआ खुलासा
रांची : हाइकोर्ट के निर्देश और डीजीपी के आदेश पर पूरे राज्य में फरार वारंटियों की गिरफ्तारी को लेकर अभियान चलाया जा रहा है. पर इन वारंटियों को गिरफ्तार करने में गुमला एसपी रुचि नहीं ले रहे हैं. दूसरे जिलाें के एसपी का परफॉरमेंस भी ठीक नहीं है.
इस बात का खुलासा सीआइडी एडीजी अजय कुमार सिंह की रिपाेर्ट से हुआ है. यह रिपाेर्ट चार फरवरी को वीडियाे कान्फ्रेंसिंग के बाद तैयार हुई है.
खुद मॉनिटरिंग करें जमशेदपुर एसपी : चाईबासा में फरार वारंटियों की गिरफ्तारी संतोषजनक है. वहीं दूसरी ओर जमशेदपुर में फरार वारंटियों की गिरफ्तारी निराशाजनक है.
एडीजी सीआइडी ने जमशेदपुर एसएसपी को फरार वारंटियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए खुद मॉनिटरिंग करने का टास्क दिया है. सरायकेला में भी वारंटियों की गिरफ्तारी की स्थिति ठीक नहीं है. धनबाद में 50 प्रतिशत भी गिरफ्तारी नहीं हुई है. न्यायालय से फरार 995 वारंटी में से एक भी गिरफ्तारी नहीं होने पर सीआइडी एडीजी ने चिंता जाहिर की है. धनबाद एसएसपी ने सीआइडी एडीजी को बताया है कि फरारियों का नाम और पता स्पष्ट नहीं होने से गिरफ्तारी में परेशानी हो रही है.
बोकारों में गिरफ्तारी काफी निम्न है. वहीं दूसरी ओर दुमका, देवघर, जामताड़ा, साहेबगंज, पाकुड़ और गोड्डा पुलिस की स्थिति भी वारंटियों को गिरफ्तार करने में ठीक नहीं है.
पलामू के न्यायालय में रिकॉर्ड नहीं होने के कारण आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने में पुलिस को परेशानी हो रही है. वहीं दूसरी ओर लातेहार और गढ़वा पुलिस को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
रेल जिला धनबाद से न्यायालय से फरार घोषित 221 और रेल जमशेदपुर में 22 आरोपियों में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. रेल एसपी धनबाद और रेल एसपी जमशेदपुर को खुद मामले की मॉनिटरिंग करते हुए छापेमारी के लिए स्थानीय थाना से सहयोग लेकर कार्रवाई करने का टास्क एडीजी सीआइडी ने दिया है. फरार वारंटियों की गिरफ्तारी की समीक्षा को लेकर 13 फरवरी को सीआइडी एडीजी सभी जिलों के एसपी के साथ वीडियो कांफ्रेस करेंगे.
राज्य के अधिकांश जिलों के एसपी का परफॉरमेंस ठीक नहीं
डीएसपी को भेज दिया बैठक में
सीआइडी एडीजी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि गुमला एसपी वीडियो कॉफ्रेंस में उपस्थित नहीं हुए. उनके स्थान पर डीएसपी विमल कुमार उपस्थित हुए. फरारियों की गिरफ्तारी की स्थिति तीन प्रतिशत है.
यह संतोषजनक नहीं है. ऐसा प्रतीत होता है कि गुमला एसपी रुचि नहीं ले रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, रांची जिले में न्यायालय से फरार वारंटियों की गिरफ्तारी चार प्रतिशत है. उन्होंने रांची एसएसपी को कैंप कर फरारियों को गिरफ्तार करने के लिए मॉनिटरिंग करने का टास्क दिया है.
खूंटी में सूची ही नहीं मिली
लोहरदगा में फरारियों की गिरफ्तारी की स्थिति संतोषजनक नहीं है, जबकि लोहरदगा के ग्रामीण क्षेत्रों में गिरफ्तारी अधिक हो सकती है. खूंटी जिला में पुलिस न्यायालय से फरार वारंटियों की सूची ही प्राप्त नहीं कर पा रही है. सिर्फ सिमडेगा में वारंटियों की गिरफ्तारी को सीआइडी एडीजी ने संतोषजनक बताया है.
हजारीबाग एसपी ने सीआइडी एडीजी को बताया है कि न्यायालय से फरार घोषित आरोपियों की सूची मिली है, लेकिन उनके खिलाफ वारंट नहीं मिल पा रहा है. गिरिडीह एसपी को न्यायालय से फरार आरोपियों की सूची ही नहीं मिल पा रही है. चतरा में न्यायालय से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सिर्फ एक प्रतिशत है, जिसे सीआइडी एडीजी ने निराशाजनक बताया है.
कोडरमा में जल्द ही पुलिस फरार आरोपियों की सूची हासिल करनेवाली है. रामगढ़ में न्यायालय से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी 42 प्रतिशत है. रामगढ़ डीएसपी सीआइडी एडीजी को यह भी नहीं बता पाये कि फरार वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए क्या कार्रवाई की जा रही है. सीआइडी एडीजी ने अपने रिपोर्ट में लिखा है कि रामगढ़ एसपी द्वारा फरार वारंटियों की गिरफ्तारी को लेकर कोई सार्थक पहल नहीं की जा रही है.

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