रांची : नेपाल हाउस स्थित सचिवालय के सभी गेट बुधवार को साढ़े तीन घंटे तक बंद रहे. इस दौरान न ही कोई बाहर से अंदर जा सका अौर न ही कोई अंदर से बाहर निकल सका.
दोपहर दो बजे के लंच ब्रेक का आधा वक्त भी ऐसे ही गुजर गया. झारखंड राज्य एनअारएचएम एएनएम-जीएनएम अनुबंध कर्मचारी संघ के बैनर तले राज्य भर से करीब हजार की संख्या में वहां पहुंची एएनएम-जीएनएम ने सचिवालय का दोनों मुख्य द्वार तथा एक तीसरा छोटा गेट भी जाम कर दिया था. सुबह 11 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक धरना-प्रदर्शन जारी रहा.
इस बीच पुलिस व निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य डॉ राजेंद्र पासवान का समझाने का असर नहीं हुअा. इसके बाद एक बजे एसडीअो गरिमा सिंह वहां पहुंचीं.
मान मनौव्वल के दौर के बाद करीब डेढ़ बजे संघ की अध्यक्ष मीरा कुमार, संयुक्त सचिव विनीता कुमारी, महासचिव अंजलिना खाखा व अन्य का एक प्रतिनिधिमंडल स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव सुधीर रंजन, उप सचिव अभिषेक श्रीवास्तव तथा निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य से वार्ता करने गया. करीब घंटे भर चली वार्ता के बाद लिखित सहमति बनी कि स्थायीकरण के लिए सभी जिलों से रोस्टर क्लियर करा कर 21 फरवरी तक अधियाचना झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग को भेज दी जायेगी. वहीं, धरना-प्रदर्शन के दिन बुधवार को किसी को भी अनुपस्थित नहीं माना जायेगा. सबको यह लिखित आश्वासन सुना कर संघ के पदाधिकारियों ने घेराव कार्यक्रम खत्म कराया. इधर, सात फरवरी को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम भी स्थगित कर दिया गया है.
इससे पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत संघ की सदस्य स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी का घेराव करने पहुंची थीं. पर यह पता लगने पर कि सचिव दिल्ली चले गये हैं, एएनएम व जीएनएम का गुस्सा बढ़ गया.
संघ की पदाधिकारियों ने रिक्शे पर लगे माइक से अपना भड़ास निकाली. कार्यक्रम में संघ की प्रेमा संगीता बाड़ा, वंदना राय, अनीता कच्छप, वीणा सिंह, अनुपमा शर्मा, रानी बाला, मंजुषा कच्छप, पुष्पा पासी, अाशा कुमारी व अन्य का महत्वपूर्ण भूमिका रही.
