रांची : रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर (थ्री लेन कॉरिडोर) के निर्माण के लिए अधिग्रहित की जानेवाली जमीन के रैयतों ने आपत्ति जता दी है. अब तक जिला प्रशासन को लगभग 40 आपत्तियां प्राप्त हो चुकी थीं.
रैयतों का कहना है कि उनकी संरचनाओं के लिए निर्धारित की गयी मुआवजे की दर काफी कम है. आपत्तियों के मद्देनजर जिला भू-अर्जन कार्यालय छह फरवरी को एक बार फिर से संरचनाओं का पुनर्मूल्यांकन करायेगा. इसके लिए टीम भी गठित कर दी गयी है.
इधर, जिला भू-अर्जन कार्यालय ने रैयतों के बीच मुआवजा बांटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके लिए लगभग 23 करोड़ रुपये आवंटित किये जा चुके हैं.
इसमें संरचना के लिए लगभग 4.50 करोड़ रुपये और जमीन के लिये 17.50 करोड़ रुपये बांटे जायेंगे. फिलहाल, रैयतों को तय मुआवजे का 60 प्रतिशत हिस्सा ही दिया जा रहा है. जिला भू-अर्जन ने मंगलवार को पोजेशन से संबंधित दस्तावेज भी उच्च पथ प्रमंडल को सौंप दिया है. गौरतलब है कि रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर जाकिर हुसैन पार्क से होकर पिस्का मोड़ तक जायेगा. पिस्का मोड़ से यह दो हिस्सों में बंट जायेगा. पहला सिरा पिस्का मोड़ से सर्ड तक जायेगा. वहीं, दूसरा सिरा पिस्का मोड़ से आइटीआइ बस स्टैंड तक जायेगा.
1.35 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण
एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए 1.35 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जायेगा. इसके तहत करीब 50 रैयतों की संरचनाओं को तोड़ा जायेगा, जबकि करीब 60 रैयतों से उनकी जमीन ली जायेगी. सभी रैयतों को 37 के तहत नोटिस जारी कर दिया गया है. अवार्ड भी तैयार कर लिया गया है. रैयत अपनी जमीन से संबंधित दस्तावेज दिखा कर मुआवजे की राशि ले रहे हैं.
11 को किया गया था सर्वे
जानकारी के अनुसार 11 जनवरी को कानूनगो अनिल कुमार के नेतृत्व में एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर सर्वे किया गया था. इसमें अमिन जमील, सतीश व जयराम शामिल थे. बताया गया कि जमीन से संबंधित कुछ आपत्तियां भी आयी थीं, उसका निराकरण कर लिया गया है.
