रांची : प्रोजेक्ट भवन व नेपाल हाउस में ह्वील चेयर नहीं

रांची : समाज कल्याण विभाग की समीक्षात्मक बैठक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 10 जुलाई 2018 को हुई थी. इसमें दिव्यांग जनों के सशक्तीकरण तथा उन्हें बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराये जाने की बात हुई थी. सीएम ने निर्देश दिया था कि प्रोजेक्ट भवन व नेपाल हाउस स्थित सचिवालय में दिव्यांग कर्मियों सहित आगंतुकों की सुविधा के […]

रांची : समाज कल्याण विभाग की समीक्षात्मक बैठक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 10 जुलाई 2018 को हुई थी. इसमें दिव्यांग जनों के सशक्तीकरण तथा उन्हें बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराये जाने की बात हुई थी.
सीएम ने निर्देश दिया था कि प्रोजेक्ट भवन व नेपाल हाउस स्थित सचिवालय में दिव्यांग कर्मियों सहित आगंतुकों की सुविधा के लिए दो-दो ह्वील चेयर रखे जायें तथा दिव्यांगों के सहयोग के लिए एक पुरुष व एक महिला कर्मी की उपस्थिति सुनिश्चित की जाये. पर छह माह बीत जाने के बाद भी यह छोटा सा काम नहीं हो सका है.
वहीं मुख्यमंत्री ने विक्षिप्त महिलाअों व पुरुषों के लिए अाश्रय गृह शुरू करने का निर्देश भी दिया था. बैठक के दौरान ही रिनपास के किसी भवन, जिसका उपयोग न हो रहा हो, वहां आश्रय गृह शुरू करने को कहा गया था. समाज कल्याण सचिव को यह जिम्मेवारी दी गयी थी कि वह स्वास्थ्य सचिव से समन्वय स्थापित करें, ताकि रिनपास में आश्रय गृह तत्काल शुरू किया जा सके.
ये काम भी होने हैं : रांची जिले की तर्ज पर अन्य जिलों में भी दिव्यांगों के स्वयं सहायता समूह को जन वितरण प्रणाली की दुकान का लाइसेंस निर्गत करने, स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग, उच्च, तकनीकी शिक्षा व कौशल विकास विभाग तथा कल्याण विभाग के तहत बनने वाले शैक्षणिक संस्थानों को बाधा मुक्त बनाने तथा दिव्यांग जनों के लिए खेलकूद के आयोजन के वास्ते स्पोर्ट्स प्रमोशन फंड की व्यवस्था करने जैसे काम भी होने हैं. कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तर पर कैंप का आयोजन करने का भी सुझाव 24 दिसंबर की समीक्षा बैठक में दिया गया था.

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