रांची : एससी-एसटी एक्ट में दर्ज हुआ केस, तो गिरफ्तारी के लिए नहीं लेना होगा अधिकारियों का आदेश

रांची : झारखंड में एससी-एसटी एक्ट संशोधन अधिनियम 2018 को लागू कर दिया गया है. इससे संबंधित आदेश गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के रवि शंकर वर्मा ने जारी किया है. आदेश जारी होने के बाद सीआइडी मुख्यालय के अधिकारियों ने सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. […]

रांची : झारखंड में एससी-एसटी एक्ट संशोधन अधिनियम 2018 को लागू कर दिया गया है. इससे संबंधित आदेश गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के रवि शंकर वर्मा ने जारी किया है. आदेश जारी होने के बाद सीआइडी मुख्यालय के अधिकारियों ने सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
सीआइडी के अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिया है कि मामले का समयबद्ध निष्पादन कराया जाये. साथ ही आदेश का दृढ़ता पूर्वक पालन भी किया जाये. सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, एससी-एसटी एक्ट के मामले में अब प्राथमिकी दर्ज करने के पहले प्रारंभिक जांच की आवश्यकता नहीं होगी. केस दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी के लिए उच्च अधिकारियों की आवश्यकता नहीं होगी. इसके साथ ही ऐसे मामलों में सीआरपीसी की धारा 438 प्रभावी नहीं होगी.
जानकारी के अनुसार, सीआरपीसी की उक्त धारा के तहत आरोपी पक्ष को गिरफ्तारी के पूर्व गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय में जमानत के लिए जाने का अधिकार है, लेकिन सीआरपीसी की उक्त धारा के प्रभावी नहीं होने के कारण जमानत पर जाने का अधिकार आरोपी पक्ष को नहीं होगा.
गृह विभाग ने यह आदेश भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा प्राप्त निर्देश के आलोक में जारी किया है. उक्त संशोधन द्वारा धारा 18 को शामिल करते हुए पुन: लागू किया गया है. तथा धारा 18 ए को शामिल किया गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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