रांची : भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि महागठबंधन द्वारा नेता घोषित किये जाने के बावजूद हेमंत सोरेन आज भी कांग्रेस से डरे हुए हैं. इसी कारण उन्हें जो भी रैली में बुलाता है, वहां चले जाते हैं.
आज ममता बनर्जी की रैली में तमाम वैसी शक्तियों का जमावड़ा था, जो कांग्रेस के विरोध में चुनाव लड़ने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मायावती और अखिलेश ने तो कांग्रेस को उत्तरप्रदेश में किनारे कर दिया. ममता बनर्जी ने भी घोषणा कर दी है कि वह कांग्रेस के साथ चुनाव नहीं लड़ेंगी. आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने भी अपने को कांग्रेस से अलग कर लिया है.
चंद्रबाबू नायडू ने भी कांग्रेस के साथ चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की है. आश्चर्यजनक बात है कि इन नेताओं के जमावड़ा में कांग्रेस के द्वारा राज्य में हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने के बाद भी हेमंत सोरेन रैली में शामिल हुए.
यह दर्शाता है कि हेमंत अभी भी कांग्रेस के ऊपर प्रेशर पॉलिटिक्स बना रहे हैं. दरअसल कांग्रेस का अपने सहयोगी दलों को धोखा देने का रिकॉर्ड बहुत पुराना रहा है. उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस, झामुमो और राजद ने एक होकर भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ा था. अब उनके साथ आधारविहीन हो चुकी लेफ्ट पार्टियां और बाबूलाल जुड़ रहे हैं.
