रांची : विश्वविद्यालय प्रशासन ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को भेजा प्रस्ताव

रांची : डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में शिक्षकों की कमी दूर होगी. विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके लिए पहल शुरू कर दी है. रांची कॉलेज के विश्वविद्यालय में अपग्रेड होने के बाद विश्वविद्यालय की आवश्यकता के अनुरूप शिक्षक, कर्मियों के पद सृजन का प्रस्ताव तैयार किया है. पद सृजन का प्रस्ताव उच्च एवं तकनीकी […]

रांची : डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में शिक्षकों की कमी दूर होगी. विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके लिए पहल शुरू कर दी है. रांची कॉलेज के विश्वविद्यालय में अपग्रेड होने के बाद विश्वविद्यालय की आवश्यकता के अनुरूप शिक्षक, कर्मियों के पद सृजन का प्रस्ताव तैयार किया है. पद सृजन का प्रस्ताव उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सह कौशल विकास विभाग को भेज दिया गया है.
विश्वविद्यालय के लिए स्टाफिंग पैटर्न के आधार पर 277 कर्मी व शैक्षणिक कार्य के लिए 141 कर्मियों के पद सृजन का प्रस्ताव तैयार किया है. विश्वविद्यालय में 203 शिक्षकों के पद सृजन का प्रस्ताव तैयार किया गया है.
इसमें 29 प्रोफेसर, 58 एसोसिएट प्रोफेसर व 116 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं. विश्वविद्यालय में फिलहाल रांची कॉलेज के लिए स्वीकृत पद के आधार पर ही पठन-पाठन से लेकर गैर शैक्षणिक कार्य हो रहा है. रांची कॉलेज में स्नातक की पढ़ाई के लिए ही शिक्षकों के पद सृजित किये गये थे, जबकि वर्तमान में विश्वविद्यालय में 31 विषयों के स्नातकोत्तर की भी पढ़ाई होती है. स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए शिक्षकों का पद सृजित नहीं किया गया है. स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए सृजित शिक्षक के पद पर नियुक्त शिक्षक से ही स्नातकोत्तर की पढ़ाई हो रही है. शिक्षकों की कमी से विश्वविद्यालय में पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है.
शिक्षकों के 148 में से 73 पद रिक्त
विश्वविद्यालय में फिलहाल शिक्षकों के 148 पद सृजित है. जिसमें से मात्र 75 शिक्षक कार्यरत है. शिक्षकों के 73 पद रिक्त हैं. जिन विषयों में शिक्षक कार्यरत है, उनमें से भी कुछ शिक्षक इस वर्ष अंत तक सेवानिवृत्त हो जायेंगे.
शिक्षकों के साथ-साथ विश्वविद्यालय में थर्ड व फोर्थ ग्रेड के कर्मियों के भी आधे से अधिक पद रिक्त हैं. विश्वविद्यालय में तृतीय वर्ग के 53 कर्मियों के पद सृजित हैं, 26 कर्मी कार्यरत हैं. विश्वविद्यालय तृतीय वर्ग के कर्मियों के 27 पद रिक्त हैं. फोर्थ ग्रेड के 95 पद सृजित हैं, जिसमें से आधे से अधिक पद रिक्त हैं. विश्वविद्यालय में फिलहाल फाेर्थ ग्रेड के 40 कर्मी कार्यरत है जबकि 55 पद रिक्त हैं.
कॉमर्स समेत कई विषयों की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी
विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. अगले शैक्षणिक सत्र से विश्वविद्यालय में कुछ नये विषयों की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी है.
पद सृजन को स्वीकृति मिलने से विश्वविद्यालय में स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर पर कॉमर्स की पढ़ाई शुरू की जा सकती है. इसके अलावा अगले शैक्षणिक सत्र से एमएड व बीपीएड की पढ़ाई विश्वविद्यालय में शुरू की जा सकती है. विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इसकी तैयारी शुरू कर दी गयी है. विश्वविद्यालय में सभी जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा के लिए अलग-अलग विभाग का गठन भी कर दिया गया है.
विश्वविद्यालय में प्रस्तावित पद
प्रोफसर 29
एसोसिएट प्रोफेसर 58
असिस्टेंट प्रोफेसर 116
विश्वविद्यालय के लिए कर्मी 277
विभगा के लिए कर्मी 141
विश्वविद्यालय में वर्तमान में कार्यरत शिक्षक व कर्मी
पद स्वीकृत कार्यरत रिक्त
शिक्षक 148 75 73
तृतीय वर्ग के कर्मी 53 26 27
फोर्थ ग्रेड के कर्मी 95 40 55
नैक की ग्रेडिंग में हो सकती परेशानी
विश्वविद्यालय नैक से मूल्यांकन की तैयारी कर रहा है, पर बिना शिक्षक की नियुक्ति के विश्वविद्यालय को नैक ग्रेडिंग में परेशानी होगी. विश्वविद्यालय में बिना प्रोफेसर व एसोसिएट प्रोफेसर के ग्रेडिंग नहीं की जा सकती है. विश्वविद्यालय को यूजीसी से अनुदान के लिए नैक से ग्रेडिंग होना अनिवार्य है. नैक से ग्रेडिंग नहीं होने पर विश्वविद्यालय को इससे नुकसान हो सकता है.
विश्वविद्यालय में पहले से स्वीकृत शिक्षकों के पद भी रिक्त हैं. 148 पद में से मात्र 75 शिक्षक ही कार्यरत है. ये पद रांची कॉलेज के समय के ही हैं. प्रावधान के अनुरूप एक विभाग में एक प्रोफेसर, दो एसोसिएट प्रोफेसर व चार असिस्टेंट प्रोफेसर का पद होना चाहिए. इसके अनुरूप पद सृजन का प्रस्ताव उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सह कौशल विकास विभाग को भेजा गया है.
डॉ एसएन मुंडा, कुलपति, डीएसपीएमयू

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