राजीव पांडेय
रिम्स निदेशक ने जारी की अधिसूचना, अभी 12 बेड लगेंगे, बाद में बढ़ेगी संख्या
रांची : रिम्स के न्यूरो विभाग में 90 बेड आवंटित हैं, जबकि वार्ड में 200 से ज्यादा मरीज भर्ती रहते हैं. ऐसे में आधे से ज्यादा मरीजों को फर्श पर लिटाकर इलाज कराना पड़ता है. कई बार तो वार्ड की गैलरी और काॅरिडोर की फर्श पर भी मरीजों को लिटाना पड़ता है. इन मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी बारिश और ठंड के मौसम में होती है.
इसी फ्लोर पर स्थित नेत्र विभाग के अधिकांश यूनिट में बेड खाली रहते हैं. बीते सप्ताह जब रिम्स निदेशक डाॅ दिनेश कुमार सिंह न्यूरो विभाग का निरीक्षण करने पहुंचे, तो देखा कि कई मरीज फर्श पर पड़े हैं. उन्होंने विभागाध्यक्ष से जानकारी ली, तो बेड की समस्या आड़े आ गयी. इसके बाद निदेशक नेत्र रोग विभाग गये, तो उन्हें अधिकांश बेड खाली मिले. इसके बाद उन्होंने वहां न्यूरो का अतिरिक्त बेड लगाने को लेकर नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ वीवी सिन्हा से बैठक की.
बैठक के बाद बनी सहमति
रिम्स निदेशक के साथ हुई बैठक में नेत्र रोग के विभागाध्यक्ष ने बताया कि उनके यहां मोतियाबिंद के मरीजों का ऑपरेशन किया जाता है, जिनको ऑपरेशन के अगले दिन सबकुछ ठीक होने पर छुट्टी दे दी जाती है. निदेशक ने विभागाध्यक्ष को बताया कि आपका क्षेत्रीय नेत्र संस्थान भी बन रहा है. उसके बाद अापका विभाग वहां शिफ्ट हो जायेगा.
ऐसे में नेत्र रोग विभाग आपकी यूनिट का उपयोग कर सकता है. इसके बाद नेत्र रोग विभाग की यूनिट बी में 20 बेड लगाने पर सहमति बनी. रिम्स निदेशक ने इस संबंध में 31 दिसंबर को अधिसूचना भी जारी कर दी है. फिलहाल 12 बेड शुरू करने की अधिसूचना जारी की गयी है, लेकिन धीरे-धीरे बेड की संख्या बढ़ायी जायेगी.
