रांची : इमरजेंसी में डॉक्टरों की फेंकाफेकी से सांसत में रहती है मरीजों की जान

रांची : रिम्स का इमरजेंसी खस्ता हाल है. परिजन मरीज को गंभीर अवस्था में लेकर बेहतर इलाज की उम्मीद से यहां पहुंचते हैं, लेकिन इलाज शुरू होने में करीब डेढ़ से दो घंटे लग जाते हैं. इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर एक-दूसरे विभाग का हवाला देते हुए फेंकाफेकी करते हैं. मरीज के परिजन आग्रह करते रहते […]

रांची : रिम्स का इमरजेंसी खस्ता हाल है. परिजन मरीज को गंभीर अवस्था में लेकर बेहतर इलाज की उम्मीद से यहां पहुंचते हैं, लेकिन इलाज शुरू होने में करीब डेढ़ से दो घंटे लग जाते हैं. इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर एक-दूसरे विभाग का हवाला देते हुए फेंकाफेकी करते हैं.
मरीज के परिजन आग्रह करते रहते हैं, लेकिन इलाज में तत्परता नहीं दिखायी जाती है. इमरजेंसी में दुर्घटना के बाद गंभीर मरीज आते हैं, कोई दर्द से कराहता रहता है, तो कोई बेहोश होता है. ऐसे में हल्की सी लापरवाही से मरीज की मौत तक हो जाती है.
बीते दिनों देर रात को दो ऐसे ही मामले देखने को मिले. काेकर निवासी सुधा सिंह को अचानक नाक से खून निकलने लगा. परिजन उन्हें लेकर इलाज के लिए रिम्स के इमरजेंसी में पहुंचे.
वे यहां डॉक्टरों से मरीज का इलाज करने का आग्रह करते रहे. लेकिन, दो घंटे बाद भी महिला का इलाज शुरू नहीं हो पाया. यही, हाल दूसरे मरीज हरमू रोड स्थित कुम्हार टोली निवासी शुभम वर्णवाल का था. वह दुर्घटना में घायल होकर पहुंचा था. चेहरे व नाक पर चोट लगी थी. उसे भर्ती तो कर लिया गया था, लेकिन सिर्फ स्लाइन लगाकर छोड़ दिया गया.
सुबह तक मरीज को उसी तरह रखा गया. दूसरे दिन 11 बजे मरीज को इएनटी ओटी में भेजकर इलाज किया गया. परिजनों ने बताया कि इमरजेंसी में करीब दो दर्जन मरीज भर्ती थे, लेकिन इलाज के लिए सिर्फ एक नर्स ही थी. दो जूनियर डॉक्टर पूरे मरीज के इलाज मेें लगे हुए थे.
परिजन के आग्रह पर भी नहीं होता इलाज, अक्सर हो जाती है देर
रात में मरीज को ले जाने पर भगवान का ही रहता है भरोसा
इमरजेंसी में ऐसा नहीं होना चाहिए, क्योंकि वहां गंभीर मरीज इलाज के लिए आते हैं. इमरजेंसी को व्यवस्थित तो कर दिया गया था, लेकिन यह अव्यवस्था कैसे उत्पन्न हुई, इसकी जानकारी मैं खुद लूंगा.
डॉ विवेेक कश्यप, अधीक्षक रिम्स

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >