रांची : राजद प्रदेश अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी ने कहा है कि अाज भी मंत्री लुईस मरांडी के आवास के सामने धरना पर बैठे एक पारा शिक्षक की मौत हो गयी. आखिर कितने पारा शिक्षकों की जान लेकर सरकार मानेगी. हड़ताल के एक माह बाद भी सरकार ने कोई पहल नहीं की.
उलटे मुख्यमंत्री उनकी नौकरी लेने की धमकी दे रहे हैं. इससे पहले भी एक पारा शिक्षक की मौत मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी के आवास के सामने हुई थी. उन्होंने कहा कि मृत पारा शिक्षक के आश्रितों को सरकार 25 लाख मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी दे. इधर, प्रदेश प्रवक्ता डॉ मनोज कुमार ने कहा है कि सरकार अविलंब पारा शिक्षकों की मांग पर विचार करे.
रांची : झाविमो के प्रवक्ता योगेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि दुमका में मंत्री लुईस मरांडी के आवास के समीप आंदोलनरत एक पारा शिक्षक व पूर्व में रजरप्पा में एक पारा शिक्षिका की मौत की घटना दु:खद है. इसके लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से कहीं न कहीं राज्य की भाजपा सरकार जिम्मेदार है.
बीते 15 नवंबर को पारा शिक्षकों के साथ सरकार ने आतंकियों जैसा सलूक किया. लगभग 300 पारा शिक्षकों को जेल भेजकर इस आंदोलन को और भड़काया गया. यह उसी कड़ी का दु:खद परिणाम है. सरकार चाहती, तो वार्ता कर आंदोलन समाप्त करा सकती थी, लेकिन सरकार ने हठधर्मिता दिखाते हुए आंदोलन को और हवा दे दी. पीड़ित परिवार के साथ झाविमो की पूरी संवेदना है. प्रवक्ता ने कहा कि हमारी पार्टी सरकार से पीड़ित परिवार को 20 लाख मुआवजा व सरकारी नौकरी देने की मांग करती है. श्री सिंह ने कहा कि पारा शिक्षकों द्वारा स्थायीकरण की मांग जायज है.
