रांची : झारखंड आंदोलनकारी नेता आजम अहमद ने कहा कि जो प्रदेश आदिवासियों के नाम से घोषित हुआ, उसी प्रदेश में आदिवासी समाज को विकास योजनाओं से वंचित रखने का षड्यंत्र रचा जा रहा है. शहर के बीचोबीच जयपाल सिंह स्टेडियम में बननेवाला अटल स्मृति वेंडर मार्केट इसका ताजा उदाहरण है. इस मार्केट में एक भी दुकान आदिवासियों को नहीं मिलना यह दर्शाता है कि आदिवासियाें को धोखा देने का काम आज भी जारी है. श्री अहमद ने कहा कि रांची की मेयर आशा लकड़ा भी एक आदिवासी हैं.
उनके रहते ही 700 दुकानें बनी और व्यवसायियों को इसे देने का निर्णय हो गया. यह बहुत दु:ख की बात है. हम सरकार से मांग करते हैं कि अटल स्मृति वेंडर मार्केट में जिन लोगों को दुकानें दी गयी हैं उन सभी की जांच की जाये. अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों को इसमें शामिल किया जाये. अन्यथा मजबूर होकर हमें न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा.
