रिम्स के नवनियुक्त निदेशक ने ग्रहण किया पदभार पत्रकारों से कहा
रांची : हमने बीएचयू में यूरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी विभाग को इतना बेहतर बनाया कि आज वहां छोटी बीमारी से लेकर किडनी का प्रत्यारोपण तक किया जाता है. देश में बीएचयू ने अपनी अलग पहचान बनायी है. इमरजेंसी किसी भी अस्पताल की रीढ़ होता है. हम रिम्स के ट्राॅमा सेंटर और इमरजेंसी को भी सुदृढ़ बनायेंगे. सरकार भी इस मामले में गंभीर है.
वहीं, सुपरस्पेशिलियटी के माध्यम से देश के मानचित्र पर हम अपनी पहचान बना सकते हैं. जरूरत पड़ी, तो इसके लिए बड़े बदलाव भी किये जायेंगे. ये बातें रिम्स के नवनियुक्त निदेशक डॉ डीके सिंह ने बुधवार को अपने पद पर योगदान देने के बाद पत्रकारों से कही.
डॉ सिंह ने कहा कि रिम्स को बेहतर तरीके से चलाने में सीनियर रेजीडेंट का बड़ा योगदान होता है. हर तीन बेड पर एक सीनियर रेजीडेंट होना चाहिए. हमारा प्रयास होगा कि सरकार से अनुमति लेकर ऐसी व्यवस्था यहां भी करें. ओपीडी की अवधि बढ़ाने या लगातार संचालित करने पर वह सीनियर डॉक्टरों के साथ बैठक करेंगे. अगर संभव हुआ, तो लगातार ओपीडी की जायेगी. उन्होंने अखबारों से सकारात्मक सूचनाओं को प्राथमिकता देने की अपील की.
सबसे पहले हनुमान मंदिर में माथा टेका
रिम्स में योगदान देने से पहले डॉ डीके सिंह सुबह 9:30 बजे रिम्स इमरजेंसी के सामने स्थित हनुमान मंदिर में पहुंचे और पूजा-अर्चना की. इसके बाद वे अपने कार्यालय सभागार में पहुंचे. यहां उन्होंने ने विभागाध्यक्षों के साथ बैठक की. उन्होंने कहा कि आपके अस्पताल में हम आये हैं. मुझे रिम्स को बेहतर बनाने का मौका मिला है, इसलिए आप सहयोग करें. संस्थान का नाम होता है, तभी डॉक्टर का नाम होता है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 में एमसीआइ के निरीक्षण टीम में शामिल था. पहले से रिम्स में काफी कुछ बदला है, लेकिन अभी बहुत संभावनाएं हैं.
बधाई देनेवालों का लगा तांता : डॉ डीके सिंह के याेगदान देने पर बधाई देनेवालों का तांता लगा रहा. सीनियर डॉक्टर, जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन, जूनियर नर्सेज संघ आदि के सदस्याेें ने पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया. इसके अलावा सांसद प्रतिनिधि, विधायक प्रतिनिधि व कर्मचारियाें ने निदेशक काे बधाई दी.
