रांची : सभी स्कूल प्रबंधनों को खामियों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन नहीं हो रहा है पालन

70 स्कूलों की जांच के लिए बनी थी 14 टीम रांची के 70 स्कूलों की जांच के लिए जिला प्रशासन ने 14 टीम बनायी थी. जांच के बाद सभी टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी. रिपोर्ट में स्कूलों की मनमानी की बात उजागर हुई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि कई स्कूल ट्यूशन शुल्क […]

70 स्कूलों की जांच के लिए बनी थी 14 टीम
रांची के 70 स्कूलों की जांच के लिए जिला प्रशासन ने 14 टीम बनायी थी. जांच के बाद सभी टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी. रिपोर्ट में स्कूलों की मनमानी की बात उजागर हुई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि कई स्कूल ट्यूशन शुल्क के अतिरिक्त कई प्रकार के शुल्क ले रहे हैं. बसों में जीपीएस सिस्टम नहीं पाया गया.
साइट पर अपलोड नहीं की जाती है जानकारी
जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों को स्कूल में उपलब्ध सीटों की संख्या व नामांकन लेने वाले बच्चों के नाम स्कूल की वेबसाइट पर अपलोड करने का आदेश दिया था. निर्देश के बाद कुछ दिनों तक तो जानकारियां अपलोड हुईं, लेकिन कई स्कूलों ने इसे अपलोड नहीं किया है. किताबों की सूची को भी अपलोड नहीं किया जाता.
दिव्यांग बच्चों और शिक्षकों का ब्योरा नहीं
सभी स्कूलों को दिव्यांग बच्चों का नामांकन लेने का आदेश दिया गया है. इसके लिए दिव्यांग शिक्षकों की नियुक्ति अनिवार्य बतायी गयी है, लेकिन किसी भी स्कूल ने जांच टीम को दिव्यांग बच्चों और शिक्षकों की जानकारी नहीं दी.
क्या कहा गया है रिपोर्ट में
रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी भी स्कूल में आरटीइ के प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है. गरीब बच्चों के नामांकन के लिए स्कूल न तो विज्ञापन निकालते हैं और न ही इसका प्रचार-प्रसार करते हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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