रांची : एक जनवरी 2019 से झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड डीवीसी से सीधे बिजली लेगा और उपभोक्ताओं को आपूर्ति करेगा. अभी डीवीसी वितरण निगम को कंज्यूमर मोड में आपूर्ति करता है. इससे बिजली की लागत 4.93 रुपये प्रति यूनिट आती है.
जब सीधे बिजली यानी शिड्यूल मोड में लेगा तब लागत 3.93 रुपये प्रति यूनिट आयेगी. वितरण निगम डीवीसी के कोडरमा थर्मल पावर प्लांट से 600 मेगावाट तथा 10 प्रतिशत प्लस-माइनस बिजली के लिए पूर्व में ही डीवीसी के साथ एग्रीमेंट कर चुका है. पर लेटर अॉफ क्रेडिट एकाउंट (एलसी) नहीं खुला है. बुधवार को एनटीपीसी सह डीवीसी के चेयरमैन गुरदीप सिंह ने इस मुद्दे पर सरकार के अधिकारियों के साथ बात की.
बुधवार को डीवीसी के चेयरमैन और सदस्य सचिव रांची आये हुए थे. मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी. फिर सीएम के प्रधान सचिव सुनील बर्णवाल, भू-राजस्व सचिव केके सोन, ऊर्जा सचिव वंदना डाडेल, झारखंड बिजली वितरण निगम के एमडी राहुल पुरवार और खान सचिव अबु बकर सिद्दीकी के साथ बैठक हुई.
डीवीसी चेयरमैन ने कमांड एरिया में लाेड शेडिंग न करने का आश्वासन दिया है. साथ ही बकाये भुगतान की मांग भी सरकार से की है. सरकार द्वारा भी समय-समय पर भुगतान की बात कही गयी है. इसके अलावा चेयरमैन ने एलसी एकाउंट में सरकार से गारंटी की मांग की.
सीएम के प्रधान सचिव ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से बातचीत करने का आश्वासन दिया और कहा कि जल्द ही इसका भी समाधान हो जायेगा. एक जनवरी से डीवीसी शिड्यूल मोड पर बिजली आपूर्ति करे. बैठक में एनटीपीसी के नॉर्थ कर्णपुरा पावर प्रोजेक्ट के बाबत सीएम के प्रधान सचिव ने कहा कि बिजली की जरूरतों को देखते हुए इस पर तेजी से काम किया जाना चाहिए.
वहीं एनटीपीसी की ओर से पकरी बरवाडीह कोल ब्लॉक, केरेनडारी कोल ब्लॉक और पतरातू के लिए आवंटित बनहरदी कोल ब्लॉक में वन भूमि को लेकर सरकार से क्लीयरेंस की मांग की गयी. जिस पर तत्काल कार्रवाई की बात कही गयी. पतरातू पावर प्लांट के बाबत एनटीपीसी चेयरमैन ने कहा कि इस पर तेजी से काम चल रहा है. 2020 तक एक यूनिट से उत्पादन होने की संभावना है.
बार-बार चेतावनी देना उचित नहीं : बैठक में डीवीसी के बकाये 3527 करोड़ रुपये की भुगतान की बात भी कही गयी. सरकार की ओर से कहा गया कि सरकार इसे लेकर गंभीर है.
समय-समय पर भुगतान किया जा रहा है.पर बार-बार डीवीसी द्वारा शेडिंग की चेतावनी देना उचित नहीं है. इस पर चेयरमैन ने कहा कि डीवीसी शेडिंग नहीं करेगा. सरकार भी डीवीसी की सोचे और भुगतान नियमित रूप से करते रहे, ताकि पावर प्लांट में कोयले की कमी न हो सके.
