रांची/मांडर : मांडर के नगड़ा के टोंका टोली में एक साथ हुई तीन लोगों की हत्या से गांव में मातम पसरा हुआ है. पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया है. प्रत्येक दिन धान काटने जानेवाले कई लोग आज धान काटने नहीं गये.
गांव में हर तरफ इसी घटना की चर्चा थी. सभी एक ही बात कह रहे थे, इतनी छाेटी से बात पर सुका उरांव को इतना बड़ा कदम नहीं उठाना चाहिए था. इस घटना में तीन परिवार बिखर गये. सुका उरांव उर्फ बिरसा उरांव की सनक मिजाजी का शिकार बने रोशन उरांव (25 ) की शादी भी नहीं हुई थी. स्वभाव से मिलनसार रोशन उरांव चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था. रोशन की माता हीरा उरांइन व पिता चारो उरांव को यकीन नहीं हो रहा था कि उनका जवान बेटा जो कल खेत में धान कटवाने गया था, अब इस दुनिया में नहीं है.
यही हाल मृतक शिवा उरांव के परिवार का भी था. शिवा उरांव की पत्नी सुकरो उरांइन का रो-रोकर बुरा हाल था. उसके छह बच्चे हैं. जिसमें से तीन लड़की व एक लड़के की शादी हो चुकी है.
शिवा की पत्नी ने शिवा व रोशन को खून से लथपथ पड़ा देखा : शिवा उरांव की पत्नी के मुताबिक काड़ा (भैंसा) लेकर गये पति व रोशन उरांव के काफी देर तक घर नहीं लौटने पर वह जब सुका उरांव के घर गयी, तो वहां आंगन में उसके पति व रोशन उरांव खून से लथपथ पड़े थे. तब उसके पति की सांस चल रही थी. उसने अपने पति को पानी भी पिलाया था. घटना में दो की हत्या कर खुद भीड़ का शिकार हो गये सुका उरांव का भी भरा-पूरा परिवार है. उसके चार बच्चे हैं.
सुका उरांव की बूढ़ी मां का कहना है कि वह उसका इकलौता पुत्र था. वहीं उसकी पत्नी आशा उरांइन ने बताया कि उसके पति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी. वे कई बार कांके स्थित रिनपास में इलाज करा चुके थे. उसकी सनक मिजाजी से परिवार के लोग भी परेशान रहते थे. घटना की शाम वह अपने ननद के घर गयी हुई थी.
