चार जनवरी से शुरू होनेवाले स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारी में जुटा है झारखंड
रांची : मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स द्वारा कराये जानेवाले ‘स्वच्छ सर्वेक्षण-2019’ को लेकर नगर विकास विभाग ने सभी नगर निकायों को निर्देश जारी किये हैं. स्टेट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी और स्वच्छ भारत मिशन झारखंड के निदेशक अमित कुमार ने गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सभी नगर निकायों के नगर आयुक्तों, कार्यपालक पदाधिकारियों और अधिकारियों से सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग के लिए किये जा रहे कार्यों की जानकारी ली.
निदेशक ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 में झारखंड को शहरी स्वच्छता में देश में अव्वल स्थान प्राप्त हुआ था. पुरानी रैंकिंग बरकरार रखना सरकार के लिए चुनौती है. इसके लिए सभी शहरों के रैंकिंग में सुधार की जरूरत है. राज्य के सभी 41 नगर निकायों में प्रतिदिन शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा का उठाव सुनिश्चित होना चाहिए. सूखा और गीला कचरा के रूप में अलग-अलग उठाया जाना चाहिए. सीएंडडी वेस्ट यूटिलाइजेशन मैनेजमेंट के दो लॉग बुक तैयार कर काम होना चाहिए. सूखा कचरा को सीधे कबाड़ी वालों को हैंड ओवर करने की व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए. गीले कचरे की अलग-अलग जगहों पर कंपोस्टिंग की जाये. बल्क गार्बेज जेनरेटर अपने व्यवसायिक प्रतिष्ठान से निकलने वाले कचरे की प्रोसेसिंग प्लांट वहीं पर होनी चाहिए.
स्वच्छता एेप डाउनलोड का डॉक्यूमेंटेशन करने के निर्देश
श्री कुमार ने स्वच्छता एेप डाउनलोड करने और उसमें लोगों को सक्रिय रूप से फीडबैक देना सुनिश्चित कराते हुए सभी नगर निकायों को किये जा रहे कार्यों का डॉक्यूमेंटेशन करने को कहा. मालूम हो कि चार जनवरी से स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 शुरू हो रहा है. नगर निकायों में साफ-सफाई से जुड़े बुनियादी उपाय करने और लोगों को जागरूक करने के लिए निकायों में प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है.
डंपिंग यार्ड पर कचरा का दबाव कम करने के लिए सूखा कचरा सीधे कबाड़ी वाले तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है. निकायों को वेस्ट बिल्डिंग मैटेरियल जरूरतमंद लोगों देने के लिए फोन नंबर जारी करने के निर्देश भी दिये गये हैं.
