रांची : एसीबी के विशेष न्यायाधीश संतोष कुमार नंबर दो की अदालत ने 15 साल पुराने रिश्वत से संबंधित मामले में गुमला के पालकोट प्रखंड के तत्कालीन लिपिक विनय कुमार पांडे को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. एसीबी ने विनय कुमार पांडे को 31 जनवरी 2003 को दो हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा था.
बचाव पक्ष के अधिवक्ता विद्युत चौरसिया ने बताया कि मामले के परिवादी लेपा लोहरा को कुआं बनवाना था, जिसकी प्राक्कलित राशि 46 रुपये थी. राशि के लिए लेपा पालकोट बीडीओ विजय मतियस टोप्पो से मिला. बीडीअो ने कहा कि तुम्हारा काम हो जायेगा. दो हजार रुपये लिपिक विनय कुमार पांडे को दे देना. लेपा ने लिपिक को दो हजार दे दिये. चूंकि विनय कुमार पांडे ने रिश्वत नहीं मांगी थी, इसलिए अदालत ने उसे बरी कर दिया.
