रांची : कोयला मंत्रालय अब अपनी अनुषंगी कंपनियों में निदेशकों की नियुक्ति खुद कर सकेगा. पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइजेज बोर्ड (पीएसइबी) ने इससे संबंधित सूचना केंद्र सरकार की सभी कंपनियों को दे दी है.
कोयला मंत्रालय भी अब अपने यहां निदेशकों की नियुक्ति के लिए सर्च-कम- सेलेक्शन कमेटी का गठन करेगा. कमेटी ही आवेदकों के नाम काे शॉर्ट लिस्ट करेगी. शॉर्ट लिस्ट किये गये गये अधिकारियों के नाम को सेलेक्शन कमेटी के पास रखा जायेगा. अभी पीएसइबी कोयला मंत्रालय की सभी कंपनियों में निदेशक और सीएमडी की नियुक्ति करता है. इससे संबंधित आदेश भारत सरकार ने कोल इंडिया को भेज दिया है.
कोल इंडिया के वर्तमान चेयरमैन चुने गये थे सर्च कमेटी से : कोल इंडिया के वर्तमान चेयरमैन एके झा का चयन कोयला मंत्रालय ने सर्च कमेटी के माध्यम से किया था.
इससे पूर्व पीएसइबी ने कोल इंडिया चेयरमैन के सेलेक्शन के लिए इंटरव्यू का आयोजन किया था. इसमें किसी भी अधिकारी को योग्य नहीं पाया गया था. इसके बाद पीएसइबी ने एक बार फिर से चयन प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह मंत्रालय से किया था. इसके बाद मंत्रालय ने सर्च-कम-सेलेक्शन कमेटी बनाकर चेयरमैन का चयन किया था.
अभी क्या है प्रक्रिया : अभी कोयला कंपनियां अपने यहां होनेवाले निदेशकों की रिक्ति की सूचना कोल इंडिया को देती है. कोल इंडिया इसकी सूचना पीएसइबी को देती है. पीएसइबी रिक्त से करीब एक वर्ष पूर्व नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करती है. सक्षम उम्मीदवारों से आदेवन आमंत्रित करती है.
आवेदन की स्क्रूटनी की जाती है. स्क्रूटनी के बाद इंटरव्यू का अायोजन किया जाता है. इसमें एक अधिकारी के नाम की अनुशंसा संबंधित विभागों को की जाती है. इसी अनुशंसा के आलोक में जरूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए राष्ट्रपति के यहां से अधिसूचना जारी होती है.
