रांची : सातवें वेतनमान की सभी अनुशंसा लागू की जाये

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव से मिला विश्वविद्यालय शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल रांची : विश्वविद्यालय शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल से मिला. प्रतिनिधिमंडल ने सचिव को अपनी मांगों से अवगत कराया. सदस्यों ने विवि शिक्षकों के सातवें वेतनमान से जुड़ी सभी अनुशंसा पूर्ण रूप से लागू करने की मांग […]

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव से मिला विश्वविद्यालय शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल
रांची : विश्वविद्यालय शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल से मिला. प्रतिनिधिमंडल ने सचिव को अपनी मांगों से अवगत कराया. सदस्यों ने विवि शिक्षकों के सातवें वेतनमान से जुड़ी सभी अनुशंसा पूर्ण रूप से लागू करने की मांग की. साथ ही विवि शिक्षकों की लंबित प्रोन्नति के बारे में जानकारी दी.
सदस्यों ने सभी लंबित प्रोन्नति की प्रक्रिया शुरू करने एवं इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय को देने की मांग की. उन्होंने बताया कि एक जनवरी 2006 के बाद नियुक्त शिक्षकों को छठे वेतनमान की अनुशंसा के अनुरूप पीएचडी व एमफिल डिग्री धारी शिक्षकों को क्रमश: पांच व तीन अतिरिक्त वेतनवृद्धि का लाभ देने का प्रावधान था, पर यह अनुशंसा अब तक लागू नहीं की गयी है. राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों को देय एजीपी का लाभ सरकार ने रोक दिया है. विश्वविद्यालय शिक्षकों को अब भी वर्ष में तीन दिन एवं पूरे सेवाकाल में मात्र 180 दिन का अर्जित अवकाश दिया जा रहा है, जबकि यूजीसी ने वर्ष में 12 दिन व सेवा काल में 300 दिन अर्जित अवकाश देने की बात कही है.
प्रधान सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि सातवें वेतनमान देने की प्रक्रिया 15 दिनों में पूरी कर ली जायेगी. उन्होंने लंबित प्रोन्नति पर भी जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया. प्रतिनिधिमंडल में फुटाज के महासचिव डॉ राजकुमार, रांची विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ हरिओम पांडेय, महासचिव डॉ एलके कुंदन, डॉ रामइकाबाल तिवारी, डॉ धनंजय वासुदेव तिवारी शामिल थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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