उत्पाद विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव, राजस्व पर्षद को भेजा गया
रांची : उत्पाद विभाग ने राज्य में खुदरा शराब की बिक्री की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है. इसके तहत झारखंड राज्य बिवरेज कॉरपोरेशन द्वारा खुदरा शराब की बिक्री बंद कर इसे पूर्व की तरह ही निजी हाथों में सौंपने की बात कही गयी है. विभाग ने इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए राजस्व पर्षद के पास भेज दिया है. संभव है कि पर्षद से मंजूरी मिलने के बाद नवंबर में ही इस प्रस्ताव को कैबिनेट की सहमति के लिए भेज दिया जायेगा.
विभाग ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि राजस्व बढ़ोतरी के लिए लॉटरी के माध्यम से शराब बेचने का लाइसेंस प्रदान करने की पुरानी व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए. प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी मिलती है, तो शराब दुकानों का आवंटन लॉटरी के जरिये निजी व्यवसायियों को किया जायेगा.
हालांकि, बदली जानेवाली व्यवस्था में सरकारी शराब की दुकानों के लिए भी प्रावधान होने की सूचना है. जरूरत पड़ने पर मॉडल शॉप के रूप में उत्पाद विभाग जिलों में शराब की दुकानों का संचालन कर सकता है. परंतु, यह आवश्यक नहीं होगा.
मुख्यमंत्री ने दिया था व्यवस्था बदलने का निर्देश
एक अगस्त 2017 से झारखंड में बिवरेज कॉरपोरेशन ने शराब की खुदरा बिक्री शुरू की थी. व्यवस्था बदलने के बाद से ही राज्य सरकार को शराब की बिक्री से मिलनेवाले राजस्व में लगातार कमी आ रही है. इसी के मद्देनजर खुदरा शराब बिक्री की पुरानी व्यवस्था को दोबारा बहाल करने की तैयारी चल रही है.
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पिछले दिनों उत्पाद विभाग की समीक्षा के दौरान मौजूदा व्यवस्था में परिवर्तन करने का निर्देश दिया था. उसके बाद उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने देश के आधा दर्जन राज्यों में शराब की खुदरा बिक्री की व्यवस्था का अध्ययन करने के बाद संबंधित प्रस्ताव तैयार किया है.
