रांची : घाटशिला, जमशेदपुर से 24 अक्तूबर को शुरू हुई झारखंड जनतांत्रिक महासभा की ‘झारखंड बचाओ, देश बचाओ पदयात्रा’ मंगलवार को रांची पहुंची. इसके बाद कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंप कर उनसे न्याय की गुहार लगायी़
ज्ञापन में कहा गया है कि पूरे प्रदेश में एक तरफ अल्पसंख्यकों-आदिवासियों की जान गोरक्षा के नाम पर ली जा रही है, वहीं दूसरी तरफ मौजूदा राज्य सरकार ने आदिवासियों- झारखंडियों की जमीन लूट कर बड़े- बड़े कारपोरेट घरानों को देने के लिए भूमि अधिग्रहण कानून 2013 में संशोधन कर दिया है़ इसमें ग्राम सभा को कमजोर करने की साजिश भी है़ एसटी-एससी, इबीसी, एमबीसी, ओबीसी आरक्षण 50 प्रतिशत से बढ़ा कर 73 प्रतिशत करने वाली सरकारी रिपोर्ट अब तक लागू नहीं की गयी है़
प्रदेश में अनुबंधकर्मियों की स्थिति बदतर है और वे बहुत कम मानदेय पर काम करने को मजबूर है़ं जब ये अनुबंधकर्मी अपन मांगों को लेकर आंदोलन करते हैं, तो सरकार उनके ऊपर लाठी बरसाती है़ राज्यपाल इन मुद्दों पर संज्ञान ले़ं पदयात्रा के रांची पहुंचने पर अर्थशास्त्री प्रो ज्यां द्रेज, महिला नेत्री दयामनी बारला, फादर स्टेन स्वामी, लेखक विनोद कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता कुमार चंद्र मार्डी, कवयित्री जसिंता केरकेट्टा व अन्य ने इनका स्वागत किया़
इस पदयात्रा का नेतृत्व झारखंड जनतांत्रिक महासभा के वीरेंद्र कुमार, दीपक रंजीत, इश्तेयाक जौहर, मदन मोहन, सुनील हेम्ब्रम, वृहस्पति सिंह सरदार, राजकिशोर महतो, पूजा महतो, लक्ष्मी रानी पूर्ति, अमरेश महतो, मुन्ना बड़ाईक ने किया़
