जयकिशोर गुप्ता, रांची
मैं पिछले 30 वर्षों से पहाड़ी मंदिर जा रहा हूं. लेकिन, हाल के दिनों में रांची पहाड़ी और बाबा के मंदिर की जो हालत हुई है, उसे देखकर काफी दुख होता है. पहाड़ी और पहाड़ी मंदिर को सामूहिक प्रयास से ही बचाया जा सकता है.
यहां फ्लैग पोल लगाने से पहाड़ी को काफी नुकसान हुआ है. पहाड़ी अब बोझ सहने लायक नहीं है. इसलिए फ्लैग पोल को यहां से कहीं और शिफ्ट किया जाना चाहिए. पहाड़ी मंदिर की भी स्थिति खराब हो गयी है. दीवारों में दरारें आ गयी हैं. समिति के सदस्यों को चाहिए कि पहाड़ी के साथ-साथ बाबा के मंदिर को बचाने का प्रयास करें.
पहाड़ी में हरियाली आये इसके लिए पूरी पहाड़ी पर पौधारोपण करने की जरूरत है. साथ ही औषधीय पौधे भी लगाये जायें. आये दिन बारिश के मौसम में पहाड़ी में मिट्टी का कटाव होता है, जो खतरे का संकेत है.
मिट्टी का कटाव रुके इसके लिये पौधे लगाये जायें. गर्मी में कई बार पहाड़ी में आग लग जाती है. उससे भी बचाव हो जायेगा. भक्तों द्वारा दिये गये दान को ऑनलाइन करने की आवश्यकता है. पहाड़ी मंदिर के सारे खाते को ऑनलाइन करें ताकि, पारदर्शिता आये. युवाओं की समिति बने जो पूरी तरह से सक्रिय रहे. पहाड़ी में ऊपर एक हॉल था, जिसे तोड़ दिया गया. वैसा ही हॉल फिर से बनवाया जाये ताकि, बाबा के दर्शन को आनेवाले लोग अपनी थकान को मिटा सकें.
