बिंदुल वर्मा, रांची
रांची पहाड़ी पर अब और बोझ न डाला जाये. अगर पहाड़ी को बचाना है, तो यहां से फ्लैग पोल को दूसरी जगह पर शिफ्ट किया जाना चाहिए. यहां सांसद निधि से हॉल भी बनाया गया था, जिसे तोड़ दिया गया है.
इसमें आमजनों का पैसा लगा था. इसे तोड़ने में डेढ़ वर्ष लगे. यह हॉल बाहर से आनेवाले लोगों के लिए आरामगाह था. इस हॉल का पुनर्निर्माण कराया जाये, ताकि यहां आनेवाले श्रद्धालु यहां बैठ कर आराम कर सकें. पहले पहाड़ी में प्रतिदिन की आय लिखी जाती थी, लेकिन आज ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है. पहाड़ी से सारी सूचनाओं को हटा दिया गया है.
पहाड़ी मंदिर में दान राशि काफी आती हैं, एक राष्ट्रीकृत बैंक का काउंटर पहाड़ी पर लगाये जाये और दान राशि बैंक के जरिये ही ली जाये. पहाड़ी में चारों ओर हरियाली रहे इसके लिए ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाये जायें. पहाड़ी में औषधीय पौधे भी लगाये जायें. पहाड़ी मंदिर के खाते को प्रतिदिन अपडेट किया जाये. इसकी मॉनिटरिंग उपायुक्त और एसडीओ के स्तर पर हो.
