मनोज सिंह
मामला होटवार स्थित महिला छात्रावास को नहीं तोड़े जाने का
सात जून को लिखे गये पत्र को वापस लेने का आदेश जारी
रांची : पशुपालन विभाग अपने ही आदेश से पलट गया है. पूर्व में पशुपालन निदेशक ने होटवार स्थित झारखंड स्टेट इम्प्लीमेंटिंग एजेंसी फॉर कैटल एंड बुफैलो डेवलपमेंट को महिला छात्रावास नहीं तोड़ने का आदेश दिया था. यह करीब पांच डिसमिल जमीन पर निर्मित है.
यहां पर स्थित पशुपालन विभाग की जमीन को राज्य सरकार ने टेक्सटाइल पार्क के लिए दे दिया है. छह मई 2017 को मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने पशुपालन निदेशक को पत्र लिखकर महिला छात्रावास को टूटने से रोकने का आग्रह किया था. इसमें कहा था कि इसका निर्माण कृत्रिम गर्भाधान का प्रशिक्षण लेने आनेवाली महिलाओं के लिए किया गया है.
इसके बाद 19 मई 2017 को विभाग की सचिव पूजा सिंघल ने झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (जियाडा) को भी पत्र लिखकर महिला छात्रावास नहीं तोड़ने का आग्रह किया था. सात जून 2018 को पशुपालन विभाग के निदेशक विजय कुमार सिंह ने जियाडा को पत्र लिखकर पूरे मामले की जानकारी देते हुए उक्त परिसर को छोड़ने का आग्रह किया था. इस बीच विजय सिंह का तबादला हो गया और चितरंजन कुमार नये निदेशक बने. 20 अगस्त 2018 को श्री कुमार ने श्री सिंह द्वारा सात जून को लिखे गये पत्र को वापस लेने का आदेश जारी कर दिया. इसकी सूचना जियाडा के क्षेत्रीय निदेशक को दी है.
4.78 एकड़ का नहीं हुआ है शुल्क निर्धारण
जानकारी के मुताबिक पशुपालन विभाग को 21 नवंबर 2016 को जिला समाहरणालय ने 20 एकड़ भूमि हस्तांरित करने का निर्देश दिया था. इसके आलोक में दो अरब 79 लाख रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया था. इसी पत्र के आलोक में 20 एकड़ भूमि टेक्सटाइल पार्क के लिए दे दी गयी थी. इसके बाद करीब 4.78 एकड़ जमीन भी टेक्सटाइल पार्क को देने का आदेश जिला समाहरणालय द्वारा दिया गया है. पूर्व पशुपालन निदेशक ने अपने पत्र में लिखा था कि अब तक 4.78 एकड़ जमीन का शुल्क निर्धारण भी नहीं हुआ है.
