झारखंड अगेंस्ट ह्यूमन ट्रैफिकिंग व अन्य एनजीओ के सदस्यों ने बापू की प्रतिमा के समक्ष किया उपवास
रांची : मानव तस्करी की शिकार पहाड़िया आदिम जनजाति की बच्ची की मौत की न्यायिक जांच की मांग को लेकर विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के लोगों ने प्रधानमंत्री से गुहार लगायी है. इस मांग को लेकर मंगलवार को झारखंड अगेंस्ट ह्यूमन ट्रैफिकिंग व अन्य एनजीओ के सदस्य मोरहाबादी स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष उपवास पर बैठे़
दीया सेवा संस्थान की सचिव सीता स्वांसी ने प्रधानमंत्री के नाम एक मांगपत्र जारी किया. इसमें कहा गया है कि दिल्ली में ट्रैफिकिंग की शिकार पहाड़िया आदिम जनजाति की इस बालिका को जनवरी में रेस्क्यू किया गया था.
उसके बयान के अनुसार मानव तस्कर प्रभा मुनी, रोहित मुनी व दीपशिखा ने चाकू दिखा कर उसके साथ मारपीट की. रोहित मुनी ने दोनों की मदद से उसके साथ बलात्कार भी किया. रेस्क्यू के बाद फरीदाबाद के एक अस्पताल में उसका इलाज चला, पर दिल्ली पुलिस ने कोई एफआइआर दर्ज नहीं की.
इस मामले में झारखंड में भी कोई एफआइआर दर्ज नहीं हुआ है, जबकि उस बच्ची ने झारखंड में भी उन तीनों के खिलाफ बयान दिया था. उस बच्ची की मौत रिम्स में 10 अक्तूबर को हो गयी. इस बात की संभावना है कि दोषियों द्वारा षडयंत्र के तहत झारखंड में इलाज के क्रम में उस बच्ची को मरवाया गया हो. दस महीनों से इस बहुचर्चित मामले की सुध न दिल्ली और न ही झारखंड में किसी पदाधिकारी ने ली है.
न्यायिक जांच के लिए सक्षम पदााधिकारियों को लिखित ज्ञापन दिया गया, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. प्रधानमंत्री इस मामले की न्यायिक जांच करायें. मौके पर राजा दुबे, राजेन कुमार, अजय जायसवाल, पूनम टोप्पो, पुष्कर महतो, उर्मिला तिड़ू, सुधा, मुस्कान कुमारी, मुन्ना बड़ाइक, सरिता शर्मा, चंदा देवी, सीमा खलखो, प्रमिला, मीना, तब्बसुम खातून व अन्य मौजूद थे.
