रांची : राज्य में नॉन प्रोफिटेबल, चैरिटेबल व स्प्रीचुअल संस्था को शैक्षणिक व स्वास्थ्य कार्यों से जुड़े संस्थान खोलने के लिए रियायती दर पर जमीन उपलब्ध कराने की नीति बन गयी है. राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने इसका संकल्प जारी कर दिया है. इससे पूर्व इस प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद की सहमति ले ली गयी थी.
संकल्प के मुताबिक, आवेदक अगर शैक्षणिक व स्वास्थ्य सेवा से संबंधित संस्थान खोलना चाहते हैं और सरकार उनके प्रस्ताव को सही पाती है, तो 50 फीसदी रियायत पर जमीन दी जायेगी. यह राशि एक मुश्त देनी होगी.
जो सलामी तय होगी उसका एक प्रतिशत लगान हर साल देना होगा. वहीं अगर ऐसी संस्था सुदूरवर्ती क्षेत्र या पिछड़े प्रखंडों में शैक्षणिक व स्वास्थ्य संस्था खोलना चाहेगी, तो उन्हें बाजार मूल्य पर 75 फीसदी रियायत दी जायेगी. इस तरह 25 फीसदी सलामी एक मुश्त ली जायेगी और हर साल एक फीसदी लगान लिया जायेगा.
जमीन 30 साल की लीज बंदोबस्ती पर एक रुपये की टोकन राशि पर दी जायेगी. इसके नवीकरण का भी प्रावधान होगा. ऐसी संस्था को जमीन दी जायेगी, जिनका अनुभव कम से कम तीन वर्षों तक इस क्षेत्र में काम करने का हो और गुणवत्तापूर्ण काम किया हो.
जो संस्था विशुद्ध रूप से चैरिटेबल या स्प्रीचुअल उत्थान के क्षेत्र मे सेवा देने वाली है, उसे रियायती दर पर जमीन नहीं दी जायेगी. जिन्हें जमीन मिल गयी है, वे तीन साल के अंदर शैक्षणिक या स्वास्थ्य संस्था चालू नहीं करते हैं, तो जमीन वापस ले ली जायेगी. साथ ही उक्त संस्था के विरुद्ध भूमि का पूरा मूल्य व दंड तय करने की कार्रवाई की जायेगी. नवीकरण भी तभी होगा, जब स्कूल या अस्पताल चालू स्थिति में हो.
